क़र्ज़ और विद्रोह झेलते देशों में भ्रष्टाचार अधिक:ट्रास्पेरेंसी

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Image caption भारत भ्रष्टाचार सूचकांक पर चीन, श्रीलंका से पीछे 95वें स्थान पर है

विद्रोह झेल रहे अरब देश और क़र्ज़ में डूबे यूरोपीय देश अंतरराष्ट्रीय संस्था ट्रांस्पेरेंसी इंटरनेशनल के वार्षिक सर्वेक्षण में भ्रष्टाचार से ग्रस्त पाए गए हैं.

ट्रांस्पेरेंसी इंटरनेशनल हर साल 183 देशों का भ्रष्टाचार सूचकांक जारी करता है.

इस साल उसने पाया है कि जिन देशों में लोग सरकार के ख़िलाफ़ सड़को पर उतरे हैं - जैसे मिस्र, अलजीरिया, लीबिया और सीरिया - वे भ्रष्टाचार सूचकांक में भी निचले स्थानों पर हैं.

इस रिपोर्ट के अनुसार आजकर क़र्ज़ संकट का सामना कर रहे यूरोज़ोन के देश भ्रष्टाचार सूचकांक में काफ़ी नीचे हैं.

भ्रष्टाचार सूचकांक पर भारत ब्रिटेन और अमरीका से तो पीछे था ही, लेकिन वह श्रीलंका से भी पीछे 95 स्थान पर है, यानी इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भ्रष्टाचार काफ़ी फैला हुआ है.

बांग्लादेश भारत से पीछे 120वें स्थान पर है जबकि पाकिस्तान 134वें, रूस 143वें और नेपाल 154वें स्थान पर है.

'भ्रष्ट सरकार, असुरक्षित सरकार'

मध्य पूर्व के देशों ने इस साल ख़ासी उथल-पुथल देखी है. सरकारों के ख़िलाफ़ लोग सड़कों पर उतरे हैं.

ट्रांस्पेरेंसी इंटरनेशनल के अनुसार ये उथल-पुथल भ्रष्टाचार सूचकांक में प्रतिबिंबित होती है यानी भ्रष्टाचार भी सड़कों पर हो रहे विद्रोह का एक कारण रहा है.

बर्लिन में ट्रांस्पेरेंसी इंटरनेशनल के मुख्यालय से बीबीसी संवाददाता स्टीव इवैन्स कहते हैं, "ये संस्था अपने वार्षिक आकलन में देखती है लोग सरकारों और नौकरशाही को भ्रष्टाचार से निपटने में कितना कुशल मानते हैं. इस साल मिस्र, अलजीरिया, लीबिया, सीरिया भ्रष्टाचार सूचकांक में काफ़ी नीचे हैं यानी लोग मानते हैं कि वहाँ भ्रष्टाचार काफ़ी फैला हुआ है. यही हाल क़र्ज़ में डूबे यूरोपीय संघ के देशों का है. इस रिपोर्ट का आकलन ये है कि भ्रष्ट सरकार असुरक्षित सरकार है."

जहाँ लीबिया 168वें स्थान पर है, वहीं इराक़ 175वें स्थान पर है. अफ़ग़ानिस्तान और बर्मा 180वें स्थान पर हैं. सबसे नीचे आता है सोमालिया.

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Image caption न्यूज़ीलैंड में भ्रष्टाचार सबसे कम है और वो पहले स्थान पर है

इस रिपोर्ट के अनुसार जहाँ जहाँ पर सरकारें और सरकारी प्रतिष्ठान रिश्वतखोरी और कर की चोरी को रोकने में असफल रहते हैं, वहाँ क़र्ज़ का संकट पैदा होने का डर रहता है.

न्यूज़ीलैंड सबसे ऊपर

ट्रांस्पेरेंसी इंटरनेशनल के इस सूचकांक के मुताबिक न्यूज़ीलैंड में सबसे कम भ्रष्टाचार है और वह पहले स्थान पर है.

यूरोप में पुख़्ता अर्थव्यवस्थाओं वाले डेनमार्क, फ़िनलैंड और स्वीडन बहुत कम भ्रष्ट हैं और इनके बाद नंबर आता है एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सिंगापोर का.

ब्रिटेन 16वें, अमरीका 24वें, चीन 75वें और श्रीलंका 86वें स्थान पर हैं.

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