सीरिया में हिंसा की कड़ी निंदा

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Image caption जिनेवा में यूएन की मानवाधिकार परिषद की बैठक में सीरिया की कड़ी आलोचना.

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद ने सीरिया में हो रही हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है. परिषद सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के दमन की जांच करने के लिए एक विशेष जांचकर्ता भी नियुक्त करने जा रही है.

परिषद सीरिया में हो रही हिंसा पर एक रिपोर्ट तैयार कर, उसे संयुक्त राष्ट्र के महासचिव को भेजेगी.

संयुक्त राष्ट्र के एक अनुमान के अनुसार सीरिया में अबतक चार हज़ार लोग मारे गए हैं.

ब्रिटेन के राजदूत ने कहा है कि ये जिनेवा स्थित परिषद की ओर अब तक का सबसे कड़ा प्रस्ताव है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकारों की प्रमुख नवी पिल्लै ने सीरिया में आम लोगों की सुरक्षा के लिए तुरंत क़दम उठाने की मांग की थी.

लेकिन जिनेवा में सीरिया के राजदूत ने कहा है कि उनके देश की समस्याओं का हल अंतरराष्ट्रीय समुदाय नहीं खोज सकता.

राजदूत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का कोई भी हस्तक्षेप संकट को और गहरा देगा.

‘मानवता के विरुद्ध अपराध’

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Image caption संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीरिया में मानवता के विरुद्ध अपराध हुए हैं.

मानवाधिकार परिषद की आपात बैठक में सीरिया के ख़िलाफ़ प्रस्ताव के पक्ष में 37 वोट पड़े और चार इसके विरोध में. छह देशों ने इस प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

प्रस्ताव के विरुद्ध मतदान करने वालों में रूस और चीन भी शामिल हैं. इन देशों को डर है कि ऐसे प्रस्ताव से लीबिया की तरह सीरिया में भी सैन्य हस्तक्षेप का रास्ता खुल सकता है.

प्रस्ताव में राजनीतिक क़ैदियों को छोड़ने और मानवाधिकारों के उल्लंघन के संदिग्ध सुरक्षाकर्मियों को बर्ख़ास्त करने की मांग की गई है.

इसके बावजूद कुछ मानवाधिकार संगठन इस प्रस्ताव से निराश हैं. उन्हें उम्मीद थी कि परिषद सीरिया के मामले को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत के सामने पेश करने की सिफ़ारिश करेगी.

इसी हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि सीरिया में सुरक्षाबलों ने मानवता के विरुद्ध अपराध किए हैं.

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