सुकना ज़मीन घोटाले में लेफ्टिनेंट जनरल दोषी

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Image caption जनरल अवधेश प्रकाश के अलावा कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ़ केस चलाया गया था

पूर्व सेना सचिव लेफ़्टिनेंट जनरल अवधेश प्रकाश को सेना की एक अदालत ने सुकना भूमि घोटाला में तीन मामलों में दोषी पाया है.

कोर्ट मार्शल का सामना करने वाले वो अबतक के सबसे वरिष्ठ भारतीय सैन्य अधिकारी हैं.

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित सैनिक अड्डे के पास के लगभग 71 एकड़ भूमि के इस घोटाले के सामने आने के बाद सेना ने जांच के आदेश दिए थे. वो तबतक सेना से सेवानिवृत हो चुके थे.

दोषी पाए जाने के बाद उनकी सेवा पहले की तिथि से ही समाप्त की जा सकती है. जिसके बाद अवधेश प्रकाश को पेंशन और रिटायरमेंट की दूसरी सुविधाएं नहीं मिल सकेंगी.

दोषी

अदालत ने लेफ़्टिनेंट जनरल अवधेश प्रकाश को तीन आरोपों में दोषी पाया. अदालत ने पाया कि उन्होंने अपने पद का दुरूपयोग किया, उनका आचरण उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं था और उनका इरादा धोखा देने का था.

हालांकि चौथे आरोप में उन पर अपराध पूरी साबित नहीं किया जा सका.

इसी मामले में अवधेश प्रकाश से पहले सेना में 33 कॉर्प्स के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पी के रथ को भी दोषी पाये जाने के बाद सज़ा दी गई थी.

ज़मीन घोटाला

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सुकना सैनिक अड्डे के नज़दीक वर्ष 2008 में स्कूल के निर्माण के लिए एक निजी कंपनी को 17 एकड़ ज़मीन का हस्तांतरण किया गया था जिसमें बाद में गड़बड़ी पाई गई थी.

किसी भी सेना कैंप के पास ज़मीन खरीदने के लिए सुरक्षा कारणों से सेना से 'नो-ऑब्जेक्शन' प्रमाणपत्र लेना पड़ता है, और जनरल अवधेश प्रकाश पर इसी मामले में गड़बड़ी करने का आरोप लगा था.

इसी मामले में पिछले साल लेफ़्टिनेंट जनरल अवधेश प्रकाश और पी के रथ के अलावा कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ़ सेना ने जांच का हुक्म दिया था.

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