'पाक की तरह अमरीका को भी है आत्मरक्षा का अधिकार'

पेंटागन
Image caption अमरीका ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों में तनाव की बात को स्वीकार किया है.

भविष्य में किसी भी नेटो हमले का करारा जवाब देने के पाकिस्तान के बयान के बीच अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जिस तरह पाकिस्तान को आत्मरक्षा का अधिकार है वही अधिकार अमरीका के पास भी है.

अमरीका के अख़बार न्यूयार्क टाइम्स ने अमरीकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किरबी के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफ़ाक़ कयानी ने "अपने आत्मरक्षा के अधिकार को दुहराया है, हम उनके उस अधिकार का आदर करते हैं. लेकिन ये अधिकार हमारे पास भी है."

पिछले हफ़्ते पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े मोहमंद एजेंसी में नेटो के हैलिकॉप्टरों ने सेना की चौकियों पर हमले किए थे जिसमें 24 सैनिक मारे गए थे और 13 घायल हो गए थे.

हमले के बाद पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल अशफाक़ परवेज़ कियानी ने अपने सैनिकों को कहा था कि अगर भविष्य में उन पर कोई हमला करता है तो उसका भरपूर तरीक़े से जवाब दिया जाए.

चेतावनी

अमरीकी रक्षा मंत्रालय के बयान को पाकिस्तानी सेना प्रमुख के उसी बयान के जवाब में दी गई चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.

पत्रकारों से बातचीत में पेंटागन ने माना कि हमले के बाद पाकिस्तान और अमरीका के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है.

किरबी का कहना था,'' मेरा मानना है कि ये कहना ग़लत नहीं होगा कि पाकिस्तान की सेना के साथ हमारे रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है दोनों पक्षों का मानना है कि ये मामला बहुत गंभीर है.''

इस बीच ओबामा प्रशासन ने कहा है कि वो हवाई कार्रवाई के लिए माफ़ी नहीं माँगेंगा क्योंकि अभी इस मामले पर जाँच पूरी नहीं हुई है.

पिछले महीने की 26 तारीख़ को नेटो सेना के हैलिकॉप्टरों ने क़बायली इलाक़े मोहमंद एजेंसी में पाकिस्तानी सेना के चौकियों पर हमला किया था जिसमें 24 सैनिक मारे गए थे और 13 अन्य घायल हो गए थे.

पाकिस्तान की सरकार और सेना के इस का कड़ा विरोध किया है और अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेना के लिए खाद्य और अन्य सामग्री की रोक लगा दी है. साथ ही पाकिस्तान ने अलगे सप्ताह जर्मनी के शहर बॉन में अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य को लेकर हो रही बैठक के बहिष्कार का भी एलान किया है.

विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता मार्क टोनर ने नेटो हमले पर पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा,''हमें ये पता लगने की ज़रुरत है कि हुआ क्या था. हमें सच जानना होगा. हम ये जाँच के ज़रिए पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.''

जाँच में सहयोग नहीं

टोनर ने ये भी ज़ोर देकर कहा कि अमरीका-पाकिस्तान के साथ रिश्ते मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.

उनका कहना था कि अमरीका इसे पाकिस्तान के लोगों के लिए एक त्रासदी के तौर पर देखता है और वो अपनी सांतवना भी दे चुका है. अमरीका के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान ने नेटो हमले की जाँच में शामिल होने से मना कर दिया है.

मंत्रालय के प्रेस सचिव जॉर्ज लिटल ने वाशिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया,''पाकिस्तान को इस जाँच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था. हमारा मानना है कि उनका शामिल होना भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि हम इस घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.''

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