त्रिपोली में पूर्व विद्रोहियों के विरुद्ध प्रदर्शन

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Image caption लोगों का कहना है कि पूर्व विद्रोहियों को अब हथियार डाल देने चाहिए

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में हज़ारों लोगों ने कर्नल गद्दाफ़ी का शासन समाप्त करने वाले पूर्व सशस्त्र विद्रोहियों के विरुद्ध प्रदर्शन किया है.

अभी लगभग डेढ़ महीने पहले ही लोगों ने गद्दाफ़ी को एक पुलिया से घसीटकर लाए जाते और फिर उनकी मौत की तस्वीरें देखी थीं. मगर अब पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने त्रिपोली के शहीद चौक पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रदर्शन करते हुए सशस्त्र लड़ाकुओं को शहर से बाहर करने की माँग की है.

उनमें से कुछ के हाथों में जैतून की डालियाँ भी थीं. बच्चों के एक ग्रुप के हाथों में तख़्तियाँ थीं जिन पर लिखा था- 'हमारे भविष्य को गोली मत मारो'.

वे सभी 'हथियार नहीं, हथियार नहीं' के नारे लगा रहे थे.

अगस्त में त्रिपोली पहुँचने वाले हथियार बंद लड़ाकुओं का अब शहर में कोई स्वागत नहीं हो रहा है क्योंकि कर्नल मुअम्मर गद्दाफ़ी के मारे जाने के बाद से शहर में सशस्त्र पूर्व विद्रोही गुटों के बीच आपस में ही संघर्ष हो चुका है.

अराजकता

शहर में अभी समुचित पुलिस तंत्र नहीं है जबकि हथियारों का भंडार है ऐसे में शहर में अराजकता जैसी स्थिति बन रही है.

प्रदर्शन में मौजूद एक महिला ने बताया कि एक रात तो दो गुटों के बीच इतनी ज़्यादा गोलीबारी हो रही थी कि उन्हें लगा कि गद्दाफ़ी की फ़ौजें वापस आ गई हैं.

उन्होंने कहा, "हमें अब परेशानी हो रही है. पहले सब ठीक था मगर अब सबकुछ उलट-पुलट हो रही है."

इससे पहले दिन में जजों और वकीलों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया क्योंकि कुछ सशस्त्र विद्रोहियों ने अभियोक्ता से ज़ोर-ज़बरदस्ती करके जेल में बंद अपने साथी को छुड़वाने के लिए काग़ज़ात पर दस्तख़त करवाने की कोशिश की.

एक अस्पताल में जब एक मरीज़ का इलाज ठीक से नहीं हुआ तो विरोध स्वरूप दो हथियारबंद लोगों ने अस्पताल के प्रशासक के ऑफ़िस का दरवाज़ा गिरा दिया और उन्हें खींचकर ले गए.

अस्पताल के डॉक्टर और नर्स असहाय से मूक दर्शक बने रह गए.

अस्पतालों में गोलियों के शिकार लोगों की तादाद बढ़ती जा रही है मगर डॉक्टर सरकार से ज़्यादा सुरक्षा की माँग करते हुए काम पर जाने से कतरा रहे हैं.

नए रक्षा मंत्री ओसामा अल जुवाली ने बीबीसी को बताया कि पूर्व विद्रोहियों को नई सेना में शामिल करने की योजना बन रही है मगर उनका कहना था कि पूर्व विद्रोहियों में से कुछ तो अभी बच्चे ही हैं जिन्हें खिलौनों की तरह हथियार दे दिए गए थे और अब वे उसे छोड़ना नहीं चाहते.

नई लीबिया सरकार के लिए अब ये एक बड़ी चुनौती बन गई है.

वैसे नई सरकार ने त्रिपोली में मौजूद हथियारबंद पूर्व विद्रोहियों को अब चेतावनी दी है कि वे दो हफ़्ते के भीतर हथियार डाल दें और अगर चाहें तो सेना में शामिल हो जाएँ वरना जाकर आम नागरिक का जीवन बिताएँ.

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