अस्पताल में आग: 89 लोग मारे गए, कई घायल

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Image caption एएमआरआई अस्पताल में 2008 में भी आगजनी की एक घटना हुई थी. राहतकार्यों का ताज़ा चित्र.

कोलकाता के ढाकुरिया इलाके में एक निजी अस्पताल में लगी आग से कम से कम 89 लोगों की मौत हो गई है. ज़्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई है.

दमकल की 25 गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और अधिकारियों के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है.

इसबीच पुलिस ने अस्पताल से जुड़े छह अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया है. इनमें से दो अस्पताल के मालिक हैं.

तस्वीरों में - अस्पताल में लगी आग

ढाकुरिया के एएमआरआई अस्पताल में ये आग शुक्रवार तड़के लगी. हालांकि अभी भी अस्पताल के आईसीयू और आईसीसीयू कक्षों में कई मरीज़ फंसे हुए हैं जिन्हें निकालने की कोशिशें जारी हैं.

बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली के मुताबिक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बात की पुष्टी की है कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या 73 तक पहुंच गई है.

तहखाने से शुरू हुई आग

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Image caption राज्य के एक मंत्री जावेद ख़ान ने बीबीसी को बताया कि अस्पताल ने आग लगने की ख़बर तुरंत सरकार को नहीं दी.

एएमआरआई के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एस उपाध्याय के मुताबिक अस्पताल में 160 मरीज़ मौजूद थे जिनमें से 70 मरीज़ों की मौत हो गई है.

इसके अलावा तीन अस्पतालकर्मियों की भी मौत हो गई है. 90 घायलों को दूसरे अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

ममता बनर्जी ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायज़ा लिया और आसपास के अस्पतालों से अपील की है वो मरीज़ों को अपने यहां दाख़िल कर जल्द से जल्द उनका इलाज शुरु करें.

परिजनों में ग़ुस्सा

कोलकाता के पुलिस कमिश्नर आरके पचनंदा और पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री फ़रहाद हाकिम भी मौके पर मौजूद हैं.

कई मालों पर फंसे मरीज़ों और उनके परिजनों सहित डॉक्टरों और कर्मचारियों को बाहर निकालने का काम तेज़ी से जारी है.

चश्मदीदों के मुताबिक आग अस्पताल के सभी मालों में फैल गई और कई लोग अलग-अलग कमरों में फंसे हैं.

इस बीच अस्पताल के ख़िलाफ़ लापरवाही के मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है.

आगजनी की ये दूसरी घटना

आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं लगाया जा सका है.

माना जा रहा है कि आग पहले अस्पताल के तहखाने में स्थित बिजली विभाग में लगी, फिर पहले और दूसरे माले तक पहुंच गई.

मौके पर मौजूद एक डॉक्टर ने मीडिया से बात करते हुए बताया, ''अस्पताल के गलियारों में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरु हुआ जिसके बाद अफ़रा-तफ़री मच गई. कई लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई है, कई लोगों की मौत जलकर भी हुई है.''

अस्पताल ने आग की ख़बर फ़ायर ब्रिगेड को नहीं दी

अस्पताल में दाखि़ल होने के लिए अग्निशमन कर्मचारियों को खिड़की का शीशा तोड़ना पड़ा, तब जाकर वे मरीज़ों को बाहर निकाल सके.

बचावकर्मी अस्पताल में रखे ऑक्सीजन सिलेंडरों को निकालने की कोशिश में लगे हैं, क्योंकि वो कभी भी फट सकते हैं.

धुंए के कारण बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही है और आपदा प्रबंधन की टीम भी मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में मदद कर रही है.

इस बीच केंद्रीय राज्यमंत्री सुदीप बंदोपाध्याय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ''ये एक सुविधा संपन्न महंगा अस्पताल है जहां इलाज के लिए मोटी रकम वसूली जाती है. इस तरह के अस्पतालों में सावधानियां और अधिक होनी चाहिए. अगर अस्पताल लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ़ ज़रूर कार्रवाई की जाएगी.''

एएमआरआई अस्पताल में आग लगने की ये दूसरी घटना है. 2008 में भी अस्पताल में आगजनी की एक घटना हुई थी.

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