रुस: बीस साल में सबसे बड़े प्रदर्शन की तैयारी

मॉस्को
Image caption प्रदर्शनकारियों की रैली से पहले ही मॉस्को में कम से कम 50 हज़ार दंगा नियंत्रक सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है.

रूस में संसदीय चुनाव दोबारा कराए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी रूस में पिछले दो दशकों के सबसे बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं.

रूसी विपक्ष का आरोप है कि मतदान में व्लादिमीर पुतिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी को जिताने के लिए मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ की गई है.

माना जा रहा है कि दसियों हज़ार प्रदर्शनकारी क्रेमलिन के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक चौक पर इक्ठ्ठा होंगे.

मॉस्को के अधिकारियों ने 30 हज़ार लोगों तक की एक रैली निकालने की अनुमति दी है. इसके अलावा रूस के दूसरे शहरों में भी रैलियां निकाले जाने की तैयारी की जा रही है.

'हिल जाएगा पुतिन का नेतृत्व'

इधर रैली से पहले ही मॉस्को में कम से कम 50 हज़ार दंगा नियंत्रक सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है.

रविवार के बाद से अब तक सैकड़ो प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

मॉस्को में मौजूद बीबीसी संवाददाता डैनियल सैंडफोर्ड ने कहा, ''अगर विपक्ष की उम्मीदों के अनुरूप हाज़िरी में रैलियां निकाली गई तो ये पुतिन के 12 सालों के राजनीतिक नेतृत्व को हिला देगा.''

चुनाव के आधिकारिक नतीजों में दिखा है कि रूस की यूनाइटेड रशिया पार्टी अपनी 315 सीटों में से 77 खोकर काफ़ी कम अंतर से चुनाव में जीती है.

संवाददाता के अनुसार, मोबाइल फ़ोन वीडियों और सामाजिक वेबसाइट्स के माध्यम से मिली जानकारी के बाद लोग ये मानते है कि चुनाव में पुतिन की पार्टी को जिताने के लिए धांधली की गई थी.

'इंटरनेट पर दबाई गई आवाज़'

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Image caption रूस में मतदान के बाद से हो रहे प्रदर्शनों में सैकड़ो लोगो को गिरफ्तार किया जा चुका है

राष्ट्रपति मेदवेदेव को सलाह देने के लिए बनाई गई एक मानवाधिकार समिति ने कहा है कि अगर चुनाव में धांधली के आरोप सही साबित हुए तो दोबारा मतदान होने चाहिए.

हालांकि फिर से मतदान कराए जाने के आदेश का अधिकार इस समिति के पास नहीं है.

सप्ताह की शुरूआत में इंटरनेट सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा था कि रूसी सरकार के विरोध में इंटरनेट पर उठ रही आवाज़ों को दबाने की भी कोशिशें की गई हैं.

इंटरनेट सुरक्षा कंपनी 'ट्रेंड माइक्रो' का मानना है कि सरकार के पक्ष में सामाजिक नेटवर्किंग साइटों पर संदेश लिखने के लिए हैक किए गए कंप्यूटरों का इस्तेमाल किया गया है.

माना जा रहा है कि साल 2000 से 2008 तक रूस के राष्ट्रपति रहे पुतिन अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में दोबारा जीत सकते है.

इस बीच अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की ओर से रूस के संसदीय चुनावों में हुई धांधली पर बयान देने के बाद गुरूवार को पुतिन ने अमरीका पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया था.

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