इतिहास के पन्नों में 15 दिसंबर

इतिहास के पन्नों का पलट कर देखें तो पाएंगे कि साल 2004 में 15 दिसंबर के दिन एक ब्रितानी मंत्री को इसलिए इस्तीफ़ा देना पड़ा था क्योंकि उन्होंने अपनी एक पूर्व प्रेमिका से जुड़े एक वीज़ा के मामले में मदद पहुंचाई थी. साल 1974 में इसी दिन ब्रिटेन ने अपने यहाँ सड़कों पर चलने वाले वाहनों की गति सीमा कम की थी ताकि ईंधन की खपत को कम किया जा सके.

ब्रितानी मंत्री का पूर्व प्रेमिका को मदद पहुंचाने के कारण इस्तीफ़ा

Image caption डेविड ब्लंकेट द्वारा इस्तीफ़े पर विपक्ष ने भी उनकी तारीफ की थी

ब्रिटेन के गृह मंत्री डेविड ब्लंकेट को साल 2004 में इसी दिन इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था क्योंकि उन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी एक पूर्व प्रेमिका के बच्चे की आया को वीज़ा जल्दी दिलाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया था.

अपने इस्तीफ़े में ब्लंकेट ने दोहराया कि उन्होंने कोई भी ग़ैर क़ानूनी काम नहीं किया मगर उनकी ईमानदारी पर उठे सवालों से सरकार की छवि प्रभावित हुई है.

ब्लंकेट ने दावा किया कि उन्हें इसका अंदाज़ा नहीं था कि उनकी तरफ़ से भेजी जा रही एक ईमेल में लिखा गया था,"कोई अलग से फ़ायदा ना पहुंचाएं बस काम ज़रा तेज़ी से निपटा दें." यह ईमेल उनकी पूर्व प्रेमिका के बच्चे के लियी ब्रिटेन में आने वाली आया के आवेदन के संदर्भ में भेजा गया था.

टोनी ब्लेयर सरकार के लिए इस विवाद का सामने आना एक झटका था क्योंकि चंद ही महीनों में चुनाव आने वाले थे.

ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने ब्लंकेट की ईमानदारी की तारीफ़ की. विपक्ष के नेता डेविड डेविस ने ब्लंकेट की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अस्मिता की रक्षा की है.

1974 : ईधन की खपत को कम करने नई गति सीमा

Image caption ऐसा माना गया कि गति सीमा में कमी की वजह से तेल की खपत में कमी आएगी.

साल 1973 में अरब इसराइल युद्ध के चलते अरब तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक ने अमरीका को तेल बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया था और साथ ही कई ऐसे क़दम उठाए थे जिनकी वजह से तेल की क़ीमतें तीन डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर अचानक 11 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुँचीं.

इसी साल इसी वजह से अमरीका ने भी अपने यहाँ वाहन चालन की गति सीमा कम कर दिया था.

नए आदेश के बाद कई राजमार्गों पर गतिसीमा 96 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई थी. इसी तरह से कुछ और मार्गों पर गति सीमा को 80 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया गया. इससे पहले वाहन चालक अधिकतम सभी मार्गों पर 112 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार तक चला सकते थे.

निर्धारित गति से तेज़ गाड़ी चलते पाए जान पर लगने वाला जुर्माना भी बढ़ा कर 100 पाउंड कर दिया गया गया.

पुलिस का अनुमान था कि इन नए नियमों के सामने आने के बाद तेज़ गति से वाहन चलाने वालों के ख़िलाफ़ जुर्माने के मामले बढ़ेंगे लेकिन वहां हादसों में जान गँवाने के मामले कम होंगें.

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