इतिहास के पन्नों से

1984 में मिखाइल गोर्बाचोव की ब्रिटेन यात्रा को 'सफल' क़रार दिया गया था जबकि 1955 में ब्रिटेन की महारानी ने लंदन हवाई अड्डे की कई प्रमुख इमारतों का उदघाटन किया था.

1984: मिखाइल गोर्बाचोव की ब्रिटेन यात्रा 'सफल'

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Image caption मिखाइल गोर्बाचेव ने बातचीत के बाद लंदन भ्रमण भी किया.

उन दिनों सोवियत संघ के भावी नेता के तौर पर बताए जाने वाले मिखाइल गोर्बाचोव ने आज ही के दिन ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर के साथ पांच घंटे तक लंबी बातचीत की थी.

ब्रिटेन सरकार के अधिकारियों के मुताबिक़ ये बातचीत 'बहुत मित्रतापूर्ण' रही थी.

हालांकि सोवियत संघ ने इस बातचीत की भूमिका थोड़ा कम आंकते हुए इसे 'काम के सिलसिले' वाला क़रार दिया था.

प्रधानमंत्री थैचर के निवास चेकर्स पर हुई इस लंबी बातचीत में शस्त्रों की होड़ को ख़त्म करने से लेकर पूर्वी और पश्चिमी खेमों में सूचना के बेहतर आदान-प्रदान पर बातचीत हुई थी.

मुलाक़ात से एक दिन पहले लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर उतरे मिखाइल गोर्बाचोव ने इस बात का ज़िक्र पहले ही कर दिया था कि वे तनाव ख़त्म करने वाली एक मुहिम पर आए हैं.

बताया गया था कि यह अहम बातचीत निर्धारित कार्यक्रम से ज़्यादा लंबी चली और समझा जा रहा था कि गोर्बाचोव ने प्रधानमंत्री थैचेर को सोवियत संघ के राष्ट्रपति कोंस्तैन्तीन चेरनेन्को का एक संदेश भी दिया था.

औपचारिक बातचीत के बाद मिखाइल गोर्बाचोव और उनकी पत्नी ने लंदन में पर्यटन के प्रमुख स्थलों का भी दौरा किया और उस लाइब्रेरी में भी गए जहाँ से लेनिन ने साल 1903 में अपना पहला अखब़ार शुरू किया था.

1955 : लंदन हवाई अड्डे की प्रमुख इमारतों का उदघाटन

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Image caption महारानी एलिज़ाबेथ अपने पति ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग के साथ हवाई अड्डे पर पहुंची.

ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ ने आज ही के दिन लंदन के मशहूर हवाई अड्डे की कई प्रमुख इमारतों का उदघाटन किया था.

इन इमारतों का निर्माण लंदन हवाई अड्डे पर निरंतर बढती भीड़ और हवाई यातायात के मद्देनज़र किया गया था.

महारानी एलिज़ाबेथ अपने पति ड्यूक ऑफ एडिनबरा के साथ हवाई अड्डे पर पहुंची और उनके सम्मान में ब्रिटेन की एयरलाइन के कर्मचारियों ने सलामी भी दी थी.

इन नई इमारतों का नाम तब उजागर हुआ जब ख़ुद महारानी ने इसका उदघाटन किया.

इन इमारतों का नाम 'द क्वीन्स बिल्डिंग' रखा गया था.

ब्रिटेन की महारानी ने इस मौके पर ब्रितानी वायु सेना की पोशाक वाला एक कोट पहन रखा था और अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन लंदन हवाई अड्डे के इतिहास में शायद सबसे अहम रहने वाला है.

इसके कुछ सालों बाद ही लंदन हवाई अड्डे का नाम हीथ्रो हवाई अड्डा रखा दिया गया था और फिलहाल इसे दुनिया के सबसे ज्यादा व्यस्त हवाई अड्डों में गिना जाता है.

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