इतिहास के पन्नों से 17 दिसंबर

आज ही के दिन 17 दिसंबर 1983 में लंदन शहर के मध्य में हुए एक बम धमाके में छह लोग मारे गए थे जबकि 1944 में जर्मनी की सेना ने पश्चिमी सेनाओं पर एक ज़बरदस्त हमला किया था.

1983: हैरड्स बम धमाके में छह की मौत

लंदन के बीचो बीच हुए एक कार बम धमाके में आज ही के दिन छह लोगों की मौत हुई थी और कम से कम 75 अन्य घायल हुए थे.

Image caption आज भी दुनिया के बेहतरीन स्टोर्स में हैरड्स की गिनती होती है.

मरने वालों में तीन पुलिस अधिकारी और तीन नागरिक शामिल थे.

धमाके के बाद लंदन पुलिस को श़क था कि आईआरए चरमपंथियों ने शहर के महंगे नाइट्सब्रिज इलाके में स्थित हैरड्स डिपार्टमेंट स्टोर के निकट ये बम रखा था.

शहर की पुलिस को करीब पौने एक बजे गुप्त भाषा में एक चेतावनी भी हाथ लगी थी लेकिन उसके ठीक 45 मिनट बाद ही यह बम तब फट गया जब चार पुलिस अधिकारी उसके निकट छानबीन के लिए पहुंचे.

जहाँ पर यह बम फटा था उस सड़क पर क्रिसमस के त्यौहार के चलते खासी भीड़-भाड़ थी.

एक बड़े धमाके के बाद पूरे इलाके में घना धुआं छा गया और काँच के टुकड़े दूर तक छिटक कर गिरे.

धमाके के अगले दिन ही आईआरए ने इस बम धमाके को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली और साथ में ये भी कहा था कि उन्होंने धमाके की पूर्व चेतावनी भी जारी की थी.

इस भीषण बम धमाके के बाद लंदन शहर की सुरक्षा व्यापक करने की पहल शुरू हो गई थी.

1944 : जर्मनी ने किया एक ज़बरदस्त जवाबी हमला

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Image caption सैन्य इतिहास में इसे बैटल ऑफ द बल्ज के नाम से जाना जाता है.

आज ही के दिन जर्मनी की सेनाओं ने बेल्जियम की सीमा पर तैनात पश्चिमी देशों की सेनाओं पर एक भीषण जवाबी हमला किया था.

जवाबी कार्रवाई के दूसरे दिन के हमले में जर्मनी की सेना ने टैंकों और विमानभेदी बंदूकों का इस्तमाल किया .

बेल्जियम के आर्ड़ेनिस इलाके में तैनात अमरीकी फौजें इस जवाबी हमले का निशाना बनी थीं.

इस हमले के दौरान जर्मनी के हवाई जहाज़ों से कई पैराट्रूपर एलाईड सेनाओं के क्षेत्र में भी जा उतरे थे.

दूसरी तरफ़ अमरीकी सेना का दावा था कि उसने बीती रात जर्मनी के 97 हवाई जहाज़ों को मार गिराया था जबकि उनके ख़ुद के 31 हवाई जहाज़ छतिग्रस्त हुए थे.

जर्मनी के इस जवाबी हमले को सैन्य इतिहास में" बैटल ऑफ द बल्ज "के नाम से जाना जाता है.

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