मदर टेरेसा की संस्था आरोपों से बरी

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श्रीलंका की एक अदालत ने मदर टेरेसा की संस्था की एक वरिष्ठ नन को सभी आरोपों से बरी कर दिया है.

कोलंबो स्थित संस्था 'प्रेम निवास' की प्रमुख नन सिस्टर मैरी एलीज़ा पर कम उम्र की लड़कियों के प्रसव कराने और नवजात शिशुओं के एवज़ में पैसे लेने का आरोप लगा था.

श्रीलंका में बाल सुरक्षा के लिए काम करने वाली सरकारी संस्था और जांच एजेंसियों की ओर से इस मामले की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिस्टर मैरी एलीज़ा पर लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए हैं.

आपराधिक जांच विभाग के अनुसार इस मामले में 55 लोगों से पूछताछ की गई और उसके आधार पर विभाग इस नतीजे पर पहुंचा कि सिस्टर मैरी एलीज़ा के खिलाफ़ कोई मामला साबित नहीं होता. इसके बाद अदालत ने इस मामले से सिस्टर एलीज़ा को बरी कर दिया.

सिस्टर मैरी एलीज़ा एक भारतीय नागरिक हैं और 'प्रेम निवास' नाम की संस्था की प्रमुख हैं. संस्था पर पड़े छापे के बाद उन्हें तीन दिन तक हिरासत में भी रखा गया था.

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद श्रीलंकाई मीडिया में कई तरह की ख़बरें फैली थीं और इस संस्था पर आरोप लगाए गए थे कि इसके ज़रिए अंगों की तस्करी के लिए बच्चों को बेचा जा रहा है.

सभी आरोप ग़लत

हालांकि जांच एजेंसियों ने इस तरह के सभी आरोपों को ग़लत पाया है और संस्था के ख़िलाफ़ कोई मामला साबित नहीं हुआ है.

रोमन कैथलिक चर्च ने संस्था पर लगे आरोपों को ग़लत ठहराया था. सेंट जोसेफ़ चर्च के पादरी सिरिल जैमिनी ने बीबीसी के साथ बातचीत में माना था कि 'प्रेम निवास' में कम उम्र की कुछ गर्भवती लड़कियों को पनाह दी गई लेकिन उनका मानना था कि इस मामले में संस्था की ओर से कोई आपराधिक गतिविधि नहीं की गई.

उन्होंने बताया कि जिस लड़की को लेकर इस पूरे मामले ने तूल पकड़ा है वो असल में उसकी मां की ओर से यहाँ लाई गई थी.

वो कहते हैं, ''जिस समाज में हम रहते हैं उसमें कम उम्र में गर्भवती होने पर सामाजिक बहिष्कार झेलना पड़ता है. उस लड़की की मां को इस बात का डर था कि अगर ये मामला सामने आता है तो उनके रिश्तेदारों की प्रतिक्रिया विपरीत होगी. उन्होंने हमसे अनुरोध किया कि इसके बारे में किसी को जानकारी न दी जाए. पादरी और नन होने के नाते ये हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम लोगों की मदद करें और उन्हें परेशानी में न डालें.''

मदर टेरेसा की ओर से स्थापित की गई किसी भी संस्था के ख़िलाफ़ की गई ये इस तरह की पहली कार्रवाई थी.

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