'कुडनकुलम की पहली इकाई कुछ हफ़्तों में शुरू'

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Image caption क्रेमलिन के सेंट कैथरीन में रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव और मनमोहन सिंह की बैठक दो घंटे तक चली.

रुस के दौरे पर गए भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत में विवाद और विरोध का केंद्र बनी तमिलनाडु की कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना का पहला चरण कुछ सप्ताह में और दूसरा चरण इसके छह माह बाद शुरू करने की घोषणा की है.

मनमोहन सिंह की इस घोषणा से कुडनकुलम पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ सकती है क्योंकि परियोजना के विरोध में स्थानीय लोग पहले से ही आंदोलन कर रहे हैं.

यहाँ तक कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता भी कह चुकी हैं कि उनकी सरकार लोगों की चिंताओं के दूर होने तक वहां काम बंद रखने के हक़ में है.

प्रधानमंत्री ने यह घोषणा रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव के साथ शिखर वार्ता के बाद की.

शुक्रवार को क्रेमलिन के सेंट कैथरीन में रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव और मनमोहन सिंह की बैठक दो घंटे तक चली.

मनमोहन सिंह और मेदवेदेव ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.

कई समझौते

बैठक के बाद मॉस्‍को में संयुक्‍त संवाददाता सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि दोनों देशों ने असैन्‍य परमाणु ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, तेल और प्राकृतिक गैस, विज्ञान और प्रौद्द्योगिकी, व्‍यापार तथा निवेश, शिक्षा और संस्‍कृति के क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की और इन क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्‍ताक्षर भी किए हैं.

इनमें एक समझौता 42 अतिरिक्त सुखोई लड़ाकू विमानों से सम्बंधित है.

रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि भारत रूस का एक विशेष और महत्वपूर्ण सामरिक साझेदार है.

परमाणु उर्जा सहयोग पर मनमोहन सिंह ने कहा “रूस हमारे परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विकास में एक आज़माया हुआ भागीदार रहा है. भारत और रूस दोनों उच्‍च स्‍तरीय परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर रूस द्वारा की गई परमाणु सुरक्षा की वकालत का भारत स्‍वागत करता है.”

कुडनकुलम पर आशंकाए

मनमोहन सिंह ने रुसी सहयोग से बन रही तमिलनाडु की कुडनकुलम परमाणु परियोजना के शुरू होने की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि परमाणु संयंत्र का पहला रिएक्टर कुछ सप्ताह में काम करने लगेगा.

संयंत्र की दूसरी इकाई इसके छह महीने बाद संचालित होगी.

महत्वपूर्ण है कि कुडनकुलम परमाणु संयंत्र का भारत में विरोध हो रहा है और इसकी सुरक्षा को लेकर आंदोलन हो रहा है.

आपसी व्यापार

दोनों देशों ने आपसी व्‍यापार और निवेश संबंध बढ़ाए जाने की वकालत की है.

साथ ही तेल और गैस, दूरसंचार, औषधि उद्योग, उर्वरकों, खनन, विज्ञान और टेकनोलॉजी और नए क्षेत्रों में ध्‍यान केंद्रित करने का संकल्प दोहराया.

लड़ाकू विमान

भारत ने रूस के साथ 42 सुखोई लड़ाकू विमानों के लाइसेंसी उत्पादन के लिए समझौता किया. इसके तहत रूसी विशेषज्ञ तकनीकी और उपकरण सम्बंधी सहयोग मुहैया कराएंगे. इसके साथ ही भारतीय वायुसेना के पास सुखोई विमानों की संख्या 272 हो जाएगी.

गोर्शकोव सौदा

भारत और रूस के बीच एक विशाल विमान वाहक पोत एडमिरल गोर्शकोव के सौदे को लेकर दोनों देशों के बीच काफ़ी तनाव का कारण बन चुका है. यह समझौता जितनी मूल राशि पर तय हुआ था भारत को को उससे कहीं ज़्यादा देना पड़ रहा है और इसका पुनर्निर्माण तय समय से बहुत पीछे चल रहा है.

दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने इस समझौतों पर भी व्यापक बातचीत की.

इसके अलावा रूस के राष्ट्रपति ने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता देने का पुरज़ोर समर्थन किया और कहा कि भारत इसका उचित पात्र है

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