सीरिया: वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश

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Image caption ट्युनिस में शुरू हुआ ये सम्मेलन रविवार तक जारी रहेगा.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के विरोधी गुटों का गठबंधन 'सीरिया राष्ट्रीय परिषद' ट्यूनीशिया में अपना पहला सम्मेलन कर रहा है.

सीरिया के विपक्षी गुटों को एकजुट करने की कोशिश को लेकर एसएनसी (सीरिया राष्ट्रीय परिषद) के क़रीब दो सौ सदस्यों की ये बैठक राजधानी ट्यूनिस में जारी है.

बीबीसी संवाददाताओं का मानना है कि एसएनसी के सदस्य चाहते है कि वो सीरिया में सरकार बनाने के प्रबल दावेदार बन कर उभरें.

शुक्रवार की नमाज़ के बाद सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी एक बार फ़िर सीरिया की सड़कों पर उतर आए थे.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस समय प्रदर्शन का केन्द्र बनकर उभरे होम्स शहर में सुरक्षाकर्मियों ने छह लोगों को मार दिया है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी को एसएनसी नेता बुरहान ग़ालियौन ने बताया, ''हमे विपक्ष को मज़बूत बनाने के लिए सबको एकजुट करना होगा.''

उन्होने कहा, ''इस सम्मेलन से हमे आपसी सामंजस्य में बेहतरी लानी होगी, दिशा तय करने होंगे और गति पकड़नी होगी.''

शुक्रवार से शुरू हुआ ये सम्मेलन रविवार तक चलेगा.

'सीमित संपर्क'

सीरिया के राष्ट्रीय परिषद का गठन सितंबर में तुर्की के इस्तांबुल में हुआ था.

हालांकि बीबीसी संवाददाता जोनाथन हेड का कहना है कि इसके ज़्यादातर बुद्धिजीवी नेताओं का सीरिया में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं से कोई खास संपर्क नही है.

सीरिया में अरब क्रांति से प्रभावित प्रदर्शन मार्च में शुरू हुआ जो आगे चल कर हिंसक हो गया. वहां लगातार हो रही हिंसा को रोक पाने में असमर्थ सीरिया की सरकार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार फ़टकार झेलनी पड़ रही है.

लेकिन लगातार हो रही हिंसा और बशर अल-असद की तख़्तापलट की कोशिशें नाकाम होने के कारण नागरिकों के एक गुट ने असद को सत्ता से हटाने के लिए हथियार उठा लिए है.

इस महीने की शुरूआत में एसएनसी ने कहा था कि वो विद्रोही सैनिकों के संगठन फ्री सीरियन आर्मी के साथ मिलकर काम करेगा.

एसएनसी ने कहा था कि फ्री सीरियन आर्मी ने उनकी बात मान ली है और कहा है कि वो सेना पर हमले कम कर देगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि एसएनसी को एक अन्य विपक्षी दल नैशनल एलायंस से भी कड़ी टक्कर मिल सकती है जो कि इसी गुरूवार को इस्तांबुल में स्थापित की गई है.

प्रतिबंध

हुकुमत ने विदेशी पत्रकारों के सीरिया जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है जिससे स्थिति का सही जायज़ा लगा पाना कठिन हो गया है.

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Image caption सीरिया में अरब क्रांति से प्रभावित प्रदर्शन मार्च में शुरू हुआ जो आगे चल कर हिंसक हो गया

शुक्रवार को मिली खबरों के अनुसार सीरिया में ताज़ा प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अरब लीग के खिलाफ़ भी नाराज़गी जताई.

अरब लीग ने पिछले महीने सीरिया की सदस्यता ख़त्म कर दी थी लेकिन उस पर प्रतिबंध लगाए जाने के फ़ैसले को लेकर गतिरोध बरक़रार है.

कई प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि अरब लीग अपनी मांगों को मनवाने के लिए सीरिया को लगातार दे रही मोहलत ख़त्म करे.

लोग इस बात से भी नाराज़ है कि अरब लीग ने सीरिया पर चर्चा करने के लिए शनिवार को बुलाई गई विदेश मंत्रियों की बैठक रद्द कर दी.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि मुल्क में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक पांच हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

राष्ट्रपति असद का कहना है कि उन्होने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ हिंसा के आदेश नही दिए है और हथियारबंद प्रदर्शनकारी ही हिंसा फैला रहे है.

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