मिस्र: क़ाहिरा में तीसरे दिन भी हिंसक झड़पें

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Image caption हिंसक झड़पों के कारण जली हुए इमारत साफ़ देखी जा सकती है.

मिस्र की राजधानी क़ाहिरा में रविवार को तीसरे दिन भी हिंसक झड़पें हुई हैं. प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किए.

प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच शुक्रवार से शुरू हुई इन हिंसक झड़पों में अब तक कुल 10 लोग मारे गए हैं और सैंकडों घायल हुए हैं.

ऐसी ख़बरें हैं कि प्रदर्शनकारियों ने 'इंस्टीच्यूट ऑफ़ इजीप्ट' नाम के संग्रहालय को भी जला दिया है जिसके कारण उनमें रखे कई क़ीमती राष्ट्रीय अभिलेख जल कर ख़ाक हो गए हैं.

इन झड़पों के कारण पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के सत्ता से हटने के बाद मिस्र में हुए पहले संसदीय चुनाव की ख़बरें भी दब सी गई हैं.

'अंतर्कलह'

क़ाहिरा स्थित बीबीसी संवाददाता योलांड नेल के अनुसार इन ताज़ा झड़पों ने मिस्र के समाज में मौजूद अंतर्कलह को उजागर कर दिया है.

नेल के अनुसार समाज का एक हिस्सा इस बात से नाराज़ है कि सेना सत्ता नहीं छोड़ना चाह रही है जबकि उसी समाज का एक दूसरा हिस्सा इस कठिन समय में देश में स्थायित्व प्रदान के लिए सेना का समर्थन करता है.

मिस्र में हाल ही में हुए संसदीय चुनाव के पहले चरण में कोई हिंसा नहीं हुई थी और नतीजे आने के बाद इस्लामी पार्टियों ने इसमें बेहतर प्रदर्शन किया था.

लेकिन उसके बाद हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने कड़ाके की सर्दी की परवाह किए बेग़ैर शहर के बीचोबीच बने ऐतिहासिक तहरीर चौक पर एक दफ़ा फिर अपना डेरा डाल दिया.

शुक्रवार को सुरज निकलने से पहले ही सेना ने अपने मोर्चे से आगे बढ़ना शुरू किया जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और सैनिकों में झड़पें शुरू हो गईं.

लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस बार पहले की तरह सेना ने प्रदर्शनकारियों के साथ ज्यादा मारपीट नहीं की और ना ही उन पर गोलियां चलाईं.

प्रदर्शनकारियों ने दो दिन पहले मिस्र के संग्रहालय को जला दिया और उनमें से अब तक धुंआ निकल रहा है.

उसमें 200 साल पुराने राष्ट्रीय दस्तावेज़ थे और उनमें रखे ज़्यादातर दस्तावेज़ जलकर ख़ाक हो गए हैं.

बीबीसी संवाददाता के मुताविक़ जले हुए कई कागज़ात सड़कों पर भी देखे जा सकते हैं.

मिस्र के टीवी चैनलों पर इस बारे में काफ़ी बहस हो रही है.

एक दूसरे घटनाक्रम में रविवार की सुबह मिस्र से होकर इसराइल और जॉर्डन जाने वाली गैस पाइपलाइन को भी निशाना बनाया गया.

समाचार एजेसी रॉयटर्स ने मिस्र के एक सुरक्षाकर्मी के हवाले से ख़बर दी है कि इस हमले में पाइपलाइन में कोई आग नहीं लगी क्योंकि वो पाइपलाइन पहले से ही ख़राब पड़ी हुई थी.

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