गोवा पुलिस ने बनाया 'पर्यटक पुलिस'

गोवा पर्यटक पुलिस
Image caption गोवा पर्यटक पुलिस का दावा है कि वे हर समस्या से निपटने के लिए तैयार हैं.

तुषार सुनील शिंदे अपने साथियों के साथ गोवा के समुद्री किनारों पर शाम से पहरा लगाना शुरू कर देते हैं.

वो और उनके 55 साथियों की ज़िम्मेदारी लोगों को समुद्र में डूबने से बचाना, अपराध रोकना और समुंदर के आस-पास घूमने आए पर्यटकों की मदद करना है. गोवा में ये सीज़न पर्यटकों का है, लेकिन इस साल यहां एक साथ कई आयोजन हो रहे हैं जिस कारण यहां पर्यटकों की संख्या पिछले साल की तुलना में कहीं ज़्यादा है.

क्रिसमस का त्यौहार नज़दीक होने के अलावा 19 दिसंबर को गोवा की आज़ादी की 50वीं वर्षगांठ है जिस कारण राज्य में हर जगह जश्न का माहौल है, जिससे यहां आपराधिक गतिविधियों में बढ़ोत्तरी का ख़तरा भी बढ़ जाता है.

हालांकि गोवा पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है लेकिन साथ-साथ ख़तरे की घंटी भी मंडरा रही है.

स्कारलेट जॉनसन की हत्या

गोवा पर्यटन विभाग के अध्यक्ष स्वप्निल नायक कहते हैं कि गोवा में अपराध से निपटने की उनकी पूरी तैयारी है.

"हमने समुद्री इलाक़ों में 55 लोगों की एक टीम तैनात की है, जिसकी ज़िम्मेदारी इन इलाकों में लोगों की अपराधियों से सुरक्षा करना है."

दरअसल तीन साल पहले इंग्लैंड की नागरिक स्कारलेट जॉनसन हत्या मामले के बाद जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने स्थानीय प्रशासन की तीखी आलोचना की थी उससे गोवा प्रशासन काफ़ी सतर्क हो गई है. पर्यटकों के ख़िलाफ़ अपराध रोकने के लिए गोवा के पर्यटन विभाग ने पर्यटक पुलिस विभाग बनाया है जिसके लिए क़रीब पांच सौ लोगों को नियुक्त किया जा रहा है.

स्वप्निल नायक कहते हैं, "इन पांच सौ पदों पर नियुक्ति के लिए इंटरव्यू लिए जा रहे हैं जो सीधे तौर पर पुलिस विभाग के अंदर आएंगे".

ये टीम ख़ासतौर पर पर्यटकों के ख़िलाफ़ अपराध को रोकने के लिए तैयार की जा रही है, इनका काम समुद्र के किनारे मुश्किल में फंसे आम पर्यटकों की सहायता करना होगा. गोवा पर क़रीब 450 साल तक पुर्तगाल का राज रहा, भारत की स्वतंत्रता के 14 सालों के बाद यानि 1961 में पुर्तगाल से आज़ादी मिलने के बाद गोवा बड़ी तेज़ी से विश्व के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक बन गया.

लाखों की तादाद में पर्यटक

शुरु-शुरु में यहां बड़ी संख्या में हिप्पी आया करते थे जो चरस और गांजे का ख़ूब सेवन किया करते थे, लेकिन उस समय गोवा काफ़ी शांत था और यहां अपराध ना के बराबर था.

अब यहां हिप्पी तो नहीं आते लेकिन विदेशी पर्यटकों में चरस-गांजा और दूसरी तरह के नशीले पदार्थों का सेवन काफ़ी बढ़ गया है, जिससे यहां होने वाले अपराध भी काफ़ी बढ़ गए हैं.

गोवा में पिछले साल 27 लाख पर्यटक आये थे जिनमें से चार लाख के क़रीब विदेशी थे. उनमें ब्रितानी, इसराइली और रूसी पर्यटकों की संख्या सब से अधिक थी. विदेशी पर्यटकों के लिए गोवा स्वर्ग है और लेखक निष्ठा देसाई के मुताबिक़ सस्ता पर्यटक स्थल होने के कारण गोवा विदेशियों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है. यहां के लोग विदेशियों से अच्छा बर्ताव करते हैं लेकिन यहां बुरे लोग भी हैं और जो अपराध में लिप्त है.

हालांकि स्वप्निल नायक का मानना है कि गोवा में दूसरे स्थानों के मुक़ाबले अपराध और अपराधी दोनों बहुत कम है इसलिए विदेशी पर्यटक यहां ख़ुद को बहुत सुरक्षित महसूस करते हैं और यही कारण हैं कि गोवा आए 40 प्रतिशत विदेशी पर्यटक यहां बार-बार आते हैं. अपने पार्टनर गैरी के साथ दूसरी बार गोवा आईं बार्बर कैंटन कहती हैं कि उन्हें गोवा में शांति और सुरक्षा दोनों मिलती है, वो यहां रात-बेरात आराम से घूम सकती हैं जो न्यूयॉर्क या लंदन में नहीं कर पातीं.

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