चेक नेता, चर्चित नाटककार हैवेल नही रहे

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Image caption कुछ ही दिन पहले दलाई लामा से प्राग में मुलाक़ात के लिए आए हैवेल एक व्हील चेयर में दिखे थे

साम्यवादी शासन के ख़िलाफ़ वेलवेट क्रांति के बाद चेक गणराज्य के पहले राष्ट्रपति बने 75 वर्षीय वात्स्लाफ़ हैवेल का निधन हो गया है.

पहले असंतुष्ट नाटककार माने जाने वाले हैवेल की सचिव सबीना टैंसीकोवा ने बताया कि काफ़ी समय से बिमार चल रहे हैवेल का रविवार सुबह निधन हो गया.

राष्ट्रपति के रूप में हैवेल की देखरेख में तत्कालीन चेकोस्लोवाकिया में लोकतंत्र और मुक्त बाज़ार अर्थव्यवस्था का आगमन हुआ.

उनकी ही देखरेख में साल 1993 में चेकोस्लोवाकिया शांतिपूर्वक बंटकर चेक गणराज्य और स्लोवाकिया बना.

चार्टर 77 मानवाधिकार घोषणापत्र से जुड़े वात्स्लाफ़ हैवेल साल 1970 में एक असंतुष्ट नाटककार के रूप में अंतरराष्ट्रीय जगत में चर्चित हुए.

स्वीडन के विदेश मंत्री कार्ल बिल्ट ने सामाजिक नेटवर्किंग वेबसाइट ट्वीटर पर लिखा, "वात्स्लाफ़ हैवेल हमारे समय के महानतम यूरोपिय लोगों में से एक थे".

बिल्ट ने लिखा, "आज़ादी के लिए उनकी आवाज़ ने मुक्त यूरोप का रास्ता बनाया."

वात्स्लाफ़ की मौत उनके गृहनगर प्राग में हुई.

उनके सचिव ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "आख़िरी समय में हैवेल से साथ उनकी पत्नी और कुछ चिकित्सकीय सहयोगी थे."

बीबीसी संवाददाता रॉबर्ट कैमरन के अनुसार पिछले कुछ दिनों में हैवेल काफ़ी दुबले पतले हो गए थे और बिमार दिखने लगे थे.

'बिमार थे हैवेल'

हाल ही में दलाई लामा से प्राग में मुलाक़ात के लिए आए हैवेल एक व्हील चेयर में दिखे थे.

धूम्रपान के शौक़ीन हैवेल साम्यवादी सरकार की जेलों में प्रवास के दौरान ही सांस से संबंधित बीमारियों के शिकार हो गए थे. साल 1990 में हैवेल के फेफड़े की सर्जरी भी हुई थी.

गले पर भी एक मामूली सर्जरी के बाद उन्हे प्राग के एक अस्पताल में 12 जनवरी साल 2009 में ठीक से सांस ना ले पाने की शिकायत के बाद भर्ती किया गया था.

चेक गणराज्य के उप विदेश मंत्री जीरी शनाईडर ने बीबीसी से बताया कि साम्यवादी सरकार के बाद बदलाव के दौर से ही हैवेल एकता के प्रतीक थे.

शनाईडर के अनुसार हैवेल ने चेकोस्लोवाकिया और चेक गणराज्य दोनों को दुनिया के नक़्शे में लाने के लिए काफ़ी कुछ किया है.

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