फ़ॉकलैंड द्वीप के जहाज़ों पर प्रतिबंध

फ़ॉकलैंड द्वीप
Image caption फ़ॉकलैंड द्वीपसमूह को लेकर ब्रिटेन और आर्जन्टीना के बीच विवाद है.

दक्षिण अमरीकी व्यापारिक समूह मर्कोसर ने कहा है कि वो अपने बंदरगाहों पर उन जहाज़ों को नहीं आने देगा जिनपर फ़ॉकलैंड द्वीपसमूह का झंडा लगा होगा.

ब्राज़ील, अर्जेंटीना, पैरेग्वे और उरुग्वे सदस्य वाले इस समूह ने उरुग्वे की राजधानी मोंटेविडियो में एक शिखर वार्ता के दौरान ये फ़ैसला लिया.

लेकिन उरुग्वे के राष्ट्रपति ज़ोसे मुजिका ने ये भी कहा कि उनका देश कभी भी फ़ॉकलैंड की समुद्री नाकाबंदी नहीं करेगा. फ़ॉकलैंड, ब्रिटेन का विदेशी क्षेत्र है.

इस बीच ब्रिटेन ने इस क़दम के लिए उरूग्वे से सफ़ाई मांगी है. ये प्रस्ताव उरूग्वे ने ही रखा था.

मर्कोसर का ये फ़ैसला लातिनी अमरीकी क्षेत्रीय समूहों के फ़ैसलों का सबसे ताज़ा उदाहरण है जो उन्होंने अर्जेंटीना के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लिया है.

विवाद

अर्जेंटीना लंबे समय से फ़ॉकलैंड द्वीप समूह, जिसे वो लास मालविनास, कहता है, पर संप्रभुता का दावा करता रहा है.

जबकि फ़ॉकलैंड द्वीप समूह, ब्रिटेन के पास 1830 के दशक से है और उसका कहना है कि इन द्वीप समूह के भविष्य पर कोई बातचीत नहीं हो सकती. इन द्वीप समूहों के लिए ब्रिटेन और अर्जेन्टीना के बीच 1982 में युद्ध भी हुआ था.

फ़ॉकलैंड द्वीप समूह का झंडा 25 जहाज़ों पर लहराता है जिसमें से अधिकतर मछली पकड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.

उरुग्वे के राष्ट्रपति ज़ोसे मुजिका का कहना था, “हम ब्रिटेन के ख़िलाफ़ नहीं हैं. लेकिन हम अर्जेंटीना के पक्ष में भी हैं.”

लेकिन फ़ॉकलैंड वाणिज्य संगठन के अध्यक्ष रोजर स्पिंक ने बीबीसी को बताया कि उनका एक छोटा सा समुदाय है और उनपर नाकाबंदी का असर भी हो रहा है.

रोजर स्पिंक का कहना था, ''अगर हम फ़लस्तीन होते तो अब तक यूरोपीय संघ हमारे लिए खड़ा हो चुका होता.”

पिछले सप्ताह ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने उरुग्वे के राजदूत से इस संबंध में सफ़ाई मांगी थी.

तेल की खोज

अर्जंटीना की राष्ट्रपति क्रिस्टीना फ़र्नांडेज़ डी किर्शनर ने इस क़दम के लिए व्यापारिक समूह के सभी देशों के राज्याध्यक्षों का धन्यवाद किया. इस समूह की अध्यक्षता उरुग्वे से अर्जेंटीना को मिली है.

शिखर सम्मेलन में भाषण देते हुए किर्शनर ने कहा, “मालविनास के मामले में एकजुटता दिखाने के लिए मैं सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूं.”

उन्होंने ये भी कहा, “ लेकिन आपको पता होना चाहिए कि जब आप मालविनास के मामले में अर्जेंटीना के पक्ष में किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करते हैं तो ये आप अपनी रक्षा के लिए भी कर रहे हैं. मालविनास केवल अर्जेंटीना का ही मुद्दा नही है बल्कि ये एक वैश्विक मुद्दा है क्योंकि वे यहां से तेल और मछलियां ले रहे हैं.”

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति का कहना था, “और जब ज़्यादा संसधानों की ज़रूरत पड़ेगी तब जो ताक़तवर हैं वे कहीं से भी और कैसे भी उन्हें खोज निकालेंगे.”

ब्रिटिश कंपनियां फ़ॉकलैंड द्वीप समूहों के आसपास के समुद्र में तेल की खोज कर रही़ हैं जो अर्जेंटीना के तट से 400 नॉटीकल मील दूर हैं.

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