अरब लीग के पर्यवेक्षक होम्स पहुंचे

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Image caption संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि सीरिया में अब तक सरकार-विरोधी प्रर्दशनों में पांच हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

अरब लीग के 50 पर्यवेक्षकों के एक समूह ने सीरिया में महीनों से चल रही हिंसा को ख़त्म करने की एक क्षेत्रीय योजना पर अमल की जांच करने के लिए काम शुरु कर दिया है.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना था कि सोमवार को होम्स में सुरक्षा बलों ने 30 लोगों को मार दिया. इनका ये भी कहना था कि मंगलवार को तड़के होम्स से टैंक हटना शुरु हो गए थे. पर्यवेक्षकों का एक दल होम्स शहर ही जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि सीरिया में अब तक सरकार-विरोधी प्रर्दशनों में पांच हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

दूसरे अरब देशों में विरोध की लहर से प्रेरित होकर सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ मार्च 2011 में विरोध शुरु हुआ था.

सीरिया सरकार का कहना है कि वो हथियारबंद गिरोहों के ख़िलाफ़ लड़ रही है और सुरक्षा बलों के भी हज़ारों सदस्य मारे जा चुके हैं.

मारे जाने वालों की संख्या की पुष्टि करना मुश्किल है क्योंकि ज़्यादातर विदेशी मीडिया के सीरिया में रिपोर्टिंग करने पर प्रतिबंध है.

सीरिया के एक निजी चैनल अल-दुनिया टेलीविज़न का कहना था कि अरब लीग की टीम होम्स पहुंच चुकी है और वहां के प्रांतीय गवर्नर से मिली.

होम्स में हिंसा

कार्यकर्ताओं का कहना था कि सोमवार की हिंसा के बाद होम्स के बाबा अम्र ज़िले से मंगलवार तड़के बख़्तरबंद वाहन हटना शुरु हो गए थे.

लंदन-स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स ने एएफ़पी समाचार एजेंसी को बताया कि मंगलवार को तड़के 11 टैंक ज़िले से चले गए.

असोसिएटेड प्रेस और रॉयटर्स एजेंसियों ने एक कार्यकर्ता, मोहम्मद सालेह के हवाले से बताया है कि उसने छह टैंकों को जाते हुए देखा.

रॉयटर्स ने संस्था के हवाले से बताया कि अब भी बाबा अम्र में कई और टैंक मौजूद हैं जो सरकारी इमारतों के अंदर छिपाए गए हैं.

पड़ोसी देश लेबनान से बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है कि इससे पहले भी कई बार सीरियाई सुरक्षा बलों ने ऐसा दिखाया कि वे विरोध प्रर्दशन वाले इलाकों से हट रहे हैं लेकिन प्रदर्शन दोबारा शुरु होते ही वे वापस आ जाते थे.

सोमवार को बाबा अम्र और होम्स के कई और इलाकों पर भारी गोलीबारी हुई. निवासियों का कहना था इसमें कई इमारतें नष्ट हो गईं और सरकारी स्नाइपर्स की वजह से बचे हुए लोगों की खोज करना असंभव हो गया था.

बाबा अम्र में भारी गोलीबारी के बाद की तथाकथित तस्वीरें इंटरनेट पर डाली गई हैं. इनमें चार युवकों की ख़ून से लथपथ लाशें और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता की गुहार लगाती हुई एक महिला दिखाई गई है.

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Image caption सूडान के लफ़्टिनेंट जनरल मुस्तफ़ा अल-दाबी अरब लीग के पर्यवेक्षक दल के नेता हैं.

सीरियाई ऑब्ज़र्वेटरी का कहना था कि सोमवार को बाबा अम्र में 18 और होम्स के अन्य इलाकों में 11 लोगों की मौत हो गई. नज़दीक के इलाके तलबिसेह में एक महिला भी मारी गई.

सरकार-समर्थक सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए हाल के हफ़्तों में बढ़ी संख्या में सेना से भागे सैनिक, फ़्री सीरियन आर्मी के हथियारबंद विरोधियों से जा मिले हैं.

होम्स के एक निवासी ने रॉयटर्स को बताया, "हिंसा दोंनो तरफ़ से हो रही है. पिछले कुछ दिनों में मैंने अपनी खिड़की से घायल सैनिकों को ले जाती हुई कई एम्बुलेंस देखी हैं. "

पर्यवेक्षक मिशन

पर्यवेक्षकों का काम अरब लीग की उस पहल की समीक्षा करना है जिसे सीरिया की सरकार की सहमति प्राप्त है. इसके तहत संघर्ष के सभी क्षेत्रों से सुरक्षा बलों को हटाया जाना है.

सीरिया ने पर्यवेक्षकों को कहीं भी जाने की पूर्ण स्वतंत्रता देने का वादा किया है लेकिन वाहन और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए वे सरकार पर निर्भर रहेंगे.

मिशन के प्रमुख, सूडान के जनरल मुस्तफ़ा दाबी का कहना था कि सीरियाई अधिकारियों का रवैया मददगार था.

लेकिन राष्ट्रपति असद के विरोधियों के मुख्य समूह, सीरियन नेशनल काउंसिल के नेता ने कहा कि "सीरियाई तंत्र ने पर्यवेक्षकों को बंदी बना रखा था."

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय नेताओं से ये कहते हुए बीच-बचाव करने के लिए कहा कि अरब लीग की योजना बढ़िया तो थी लेकिन लीग में इसे कार्यान्वित करने की ताक़त नहीं थी.

इस पर्यवेक्षक समूह में बाद में दो सौ तक सदस्य हो जाएंगे और उसकी योजना सरकारी अधिकारियों और विपक्ष, दोनों से ही मिलने की है.

सीरिया के विदेश मंत्री वालिद मुआलेम ने कहा है कि वो उम्मीद करते हैं कि पर्यवेक्षक सरकार के उस दावे का समर्थन करेगी जिसके मुताबिक़ देश में जारी हिंसा के पीछे हथियारबंद गिरोहों का हाथ है.

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