इतिहास के पन्नो में 30 दिसंबर

इतिहास के पन्ने पलटें तो 30 दिसंबर का दिन कई वजहों से याद किया जाएगा. वर्ष 1906 में इसी दिन भारत में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग पार्टी का गठन हुआ और 1986 में ब्रितानी सरकार ने कोयला खदानों से 200 से ज़्यादा कनारी चिड़िया हटाने का ऐलान किया.

1906: ऑल इंडिया मुस्लिम लीग पार्टी का गठन

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Image caption एक अलग मुस्लिम देश की वक़ालत करने वाले मुस्लिम लीग के नेताओं में मोहम्मद अली जिन्ना सबसे प्रमुख थे.

वर्ष 1906 में ढाका में मुस्लिम नेताओं की तीन दिन की बैठक के बाद 30 दिसंबर को ऑल इंडिया मुस्लिम लीग पार्टी के गठन की घोषणा की गई थी.

नवाब सर ख़्वाजा सलीमुल्लाह, अमीर अली और सर मिंया मुहम्मद शफ़ी नो इस बैठक में हिस्सा लिया था और उन्हें पार्टी के संस्थापकों के तौर पर याद किया जाता है.

सर आग़ा ख़ान पार्टी के पहले अध्यक्ष चुने गए और लखनऊ में पार्टी का मुख्यालय बनाया गया.

मौलाना मोहम्मद अली ने पार्टी का संविधान लिखा जिसे वर्ष 1907 में कराची शहर में अपनाया गया.

भारतीय मुसलमानों के हितों की रक्षा करने के लिए बनी ऑल इंडिया मुस्लिम लीग पार्टी में तीन दशकों के बाद एक अलग मुस्लिम देश की मांग उठने लगी.

आख़िरकार वर्ष 1940 में लाहौर में पार्टी ने औपचारिक तौर पर भारत से अलग एक स्वायत्त मुस्लिम देश बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया.

1986: कोयले की ख़दानों से हटाई गई कनारी चिड़िया

Image caption कोयले की ख़दान में धमाका होने के बाद ज़हरीली गैस किसी भी कोने में मौजूद हो सकती है.

30 दिसंबर 1986 के दिन ब्रितानी सरकार ने कोयला खदानों से 200 से ज़्यादा कनारी चिड़िया हटाने का ऐलान किया.

कनारी चिड़िया की मदद से कोयला खदानों में ज़हरीली गैसों के होने की जानकारी ली जाती थी.

खदानों में आग लगने या किसी धमाके की वजह से अक्सर बिना रंग और महक की गैसें भर जाती हैं जिन्हें मनुष्य नहीं पहचान पाते.

लेकिन पीले पंखों वाली कनारी चिड़िया इनको महसूस करने की शक्ति रखती है और उसके हावभाव देखकर ख़तरे का अंदाज़ा लगाया जाता रहा था.

इस ऐलान से पहले ब्रिटेन की हर कोयला खदान में दो कनारी चिड़िया इसी कार्य के लिए नियुक्त थीं.

ऐलान के बाद कोयला खदानों में बिजली से चलने वाले डिटेक्टर लगाए गए. इन्हें सस्ता और ज़्यादा कारगर माना गया.

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