भारतीय छात्र 'नस्ली हिंसा' का शिकार: पुलिस

अनुज बिदवे इमेज कॉपीरइट a
Image caption इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहे अनुज बिदवे की हत्या के मामले में पुलिस चार लोगों से पूछ-ताछ कर रही है.

ब्रितानी पुलिस ने कहा है कि वो भारतीय छात्र, अनुज बिदवे, की हत्या को 'हेट क्राइम' या नस्ली हिंसा का मामला मान रही है.

इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. गिरफ़्तार लोगों की उम्र 16 से 20 साल के बीच है.

अनुज बिदवे लैंकेस्टर विश्वविद्यालय में माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स में स्नाकोत्तर की पढ़ाई कर रहे थे जिसके बाद उनकी भारत लौटकर यहां नौकरी करने की योजना थी.

नस्लीय हिंसा का मामला

मामले की जांच से जुड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारी केविन मलीगन का कहना था, "हमने अभी तक हत्या का ठीक-ठीक उद्देश्य स्थापित नहीं किया है और इसका नस्ली पहलू होने का कोई पुख़्ता सबूत नहीं है. लेकिन समुदाय के बीच ये सोच बढ़ रही है कि ये नफ़रत से प्रेरित हत्या थी इसलिए हम इसे नस्ली हिंसा का मामला मान रहे हैं."

अनुज की सैलफ़र्ड में गोली मार कर उस समय हत्या कर दी गई थी जब वे 26 दिसंबर को अपने दोस्तों के साथ टहल रहे थे.

अनुज कुछ और भारतीय छात्रों के साथ सड़क पर घूम रहे थे जब अचानक दो व्यक्तियों ने उसे रोककर कुछ कहा और फिर उनमें से एक व्यक्ति ने बेहद नज़दीक से उन्हें गोली मार दी.

जांच

पोस्टमोर्टम रिपोर्ट के मुताबिक़ अनुज की मौत सिर पर गोली लगने से हुई थी.

माना जा रहा है कि हत्या एक छोटी हैंडगन से की गई. लेकिन मलीगन का कहना था कि हथियार अब तक नहीं मिला है और उन्होंने अपील की कि जिस किसी के पास इस बारे में जानकारी है, वो पुलिस से संपर्क करे.

उन्होंने कहा कि पुलिस अब भी सैलफ़र्ड और ग्रेटर मैनचेस्टर के कई इलाक़ों में घर-घर जाकर पूछताछ कर रही है और साथ ही सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग की भी देखी जा रही है.

श्रृद्धांजलि

अनुज बिदवे को सोशल नेटवर्किंग साइट फ़ेसबुक पर श्रृद्धांजलि दी जा रही है. लैंकेस्टर विश्वविद्यालय की एक छात्र ने उनके लिए फ़ेसबुक पर एक पेज भी बनाया है. अनुज की याद में नए साल में एक 'शांति जुलूस' की भी योजना है.

अनुज बिदवे का शरीर भारत वापस ले जाने के लिए उनका परिवार इस सप्ताहंत ब्रिटेन पहुंच रहे हैं.

भारतीय उच्चायुक्त के एक प्रवक्ता का कहना था कि उच्चायुक्त के कुछ अधिकारियों ने ग्रेटर मैनचेस्टर की पुलिस से बात की है.

संबंधित समाचार