माओवादियों के खिलाफ़ 'मानवरहित विमान'

डीजीपी
Image caption आंध्रप्रदेश के डीजीपी वी दिनेश रेड्डी ने बताया कि माओवादियों के ख़िलाफ़ अत्याधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल होंगे

आंध्रप्रदेश में पहले से ही माओवादी काफ़ी कमज़ोर पड़ गए हैं, लेकिन अब वहां की पुलिस ने उनके खिलाफ़ कई अति-आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है, जिनमें मानवरहित विमान और हेलिकॉप्टर शामिल हैं.

राज्य के पुलिस महानिदेशक वी दिनेश रेड्डी ने हैदराबाद में कहा,''वर्ष 2012 में माओवादियों के विरुद्ध एक ऐसे आधुनिक विमान का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा, जो माओवादियों की गतिवधियों की तस्वीरें लेकर उनकी जानकारी पुलिस तक भेजेगा.''

यूएवी कहलाने वाला ये विमान राजमुंदरी के हवाईअड्डे से उड़ान भर कर उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से सटे जंगलों के ऊपर चक्कर लगाएगा और घने जंगल के भीतर होनेवाली किसी भी हरकत की तस्वीरें खींचने के अलावा वहां से आ रही आवाज़ों को भी रिकॉर्ड करेगा.

इन आवाज़ों और तस्वीरों को बाद में उपग्रह के ज़रिए ज़मीन पर स्थित कंट्रोल रूम को भेजा जाएगा.

दिनेश रेड्डी के अनुसार, ''ये विमान प्रकाश के बराबर गति यानी 186000 मील प्रति सेकेंड की रफ्तार से तस्वीरें और दूसरी जानकारियां भेजेगा.''

रेड्डी ने आगे कहा, ''चालक रहित विमान सामान्य हवाई जहाज़ से बेहतर विकल्प साबित होगा क्योंकि ये कहीं से भी उड़ान भर सकेगा और इसके लिए उसे लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन इस तरह के हेलिकॉप्टरों को पश्चिमी देशों से आयात करना होगा."

मज़बूत होता अभियान

इसके अलावा माओवादियों के विरुद्ध आंध्रप्रदेश पुलिस की क्षमता इस बात से भी बढ़ गई कि केंद्र सरकार ने उसे एमआई-17 हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल की अनुमति दे दी थी.

ये हेलिकॉप्टर विशाखापट्नम एयरपोर्ट पर तैनात होगा और ग्रेहाउंड कमांडोज़ को मुश्किल जगहों और घने जंगलों में उतार कर कार्रवाई पूरी होने पर उन्हें वहां से निकाल लेगा.

इससे पुलिस पर बारुदी सुरंग या घात लगाकर किए जाने वाले हमलों को कम किया जा सकेगा.

वैसे भी वर्ष 2011 में आंध्रप्रदेश में माओवादी हिंसा काफी कम रही है, पिछले साल की तुलना में इसमें 51 प्रतिशत की कमी आई है.

पिछले साल पुलिस अभियान में 149 माओवादी पकड़े गए और 198 ने आत्मसमर्पण किया है.

आतंकवाद की समस्या

राज्य में आतंकवाद की समस्या पर दिनेश रेड्डी का कहना है कि एक नई स्थिति पैदा हो रही है, क्योंकि ऐसे गुट अब कई समुदायों में उभर रहे हैं. दिनेश रेड्डी ने ऐसे गुटों में हिंदू वाहिनी और पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया के नामों का उल्लेख किया.

पुलिस महानिदेशक की ये टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण क्योंकि हाल ही में हैदराबाद पुलिस ने हिंदू वाहिनी के 10 कार्यकर्ताओं को मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाने के आरोप में गिरफ़्तार किया था.

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