सीरिया:सेना की गोलीबारी में 40 की मौत

सीरिया में विरोध प्रर्दशन इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption अरब लीग पर्यवेक्षकों की मौजूदगी के बावजूद सीरिया में सरकार विरोधी प्रर्दशन और हिंसा जारी है.

सीरिया में सरकार विरोधी कार्यकर्ताओं ने कहा है कि गुरुवार को सुरक्षा बलों ने लगभग 40 लोगों का मार दिया.

हत्याएं दमिश्क़ के एक उपनगर समेत ज़्यादातर उन इलाक़ों में हुई है जहां अरब लीग का पर्यवेक्षक दल जा रहा है या उसके पहुंचने की उम्मीद है.

इस बीच कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बड़ी संख्या में सड़कों पर विरोध प्रर्दशनों का आह्वान किया है.

सीरिया के लिए बनी शांति योजना पर अमल हो रहा है या नहीं, ये देखने के लिए पर्यवेक्षक राजधानी दमिश्क़ और अन्य शहरों का दौरा कर रहे हैं. शांति योजना में सीरिया में हिंसा को पूरी तरह रोकने, सभी हथियारबंद बलों की वापसी और सभी बंदियों को छोड़ने की बात कही गई है.

सयुंक्त राष्ट्र का कहना है कि सीरिया में पिछले दस महीनों से चल रहे सरकार-विरोधी प्रर्दशनों में पांच हज़ार से ज़्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं.

लेकिन अरब लीग पर्यवेक्षक दल की उसके नेतृत्व के लिए आलोचना हो रही है. एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक़ अल-दाबी सूडान में 1990 के दशक में 'यातनाओं' और 'लापता होने के मामलों' के लिए अल-दाबी ज़िम्मेदार हैं.

लेकिन अरब लीग का कहना है कि जनरल दाबी को दल का पूरा समर्थन है. अमरीका ने आलोचकों से कहा है कि पर्यवेक्षक दल को अपना काम ख़त्म करने देना चाहिए.

भगवान भरोसे

मंगलवार को होम्स शहर से शुरुआत करने के बाद पर्यवेक्षकों के दल ने उत्तर में इदलिब, दक्षिण में डेरा और हमा और दमिश्क़ का दौरा किया है.

कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों के बड़े समूहों ने पर्यवेक्षकों के दला का घेराव कर मौजूदा शासन के जाने और राष्ट्रपति असद को फांसी देने की मांग की.

पर्यवेक्षकों की मौजूदगी, प्रर्दशनकारियों को बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने के लिए उकसा रही है और साथ ही उन्हें ऐसे ख़तरे उठाने का साहस दे रही है जिनसे वे पहले कतराते रहे थे.जिन इलाक़ों का दौरा पर्यवेक्षक दल ने तीसरे दिन किया, उन सब जगहों से गोली-बारी और लोगों के मारे जाने की ख़बरें आई हैं.

ब्रिटेन-स्थित संस्था, सीरियन ऑब्ज़रवेटरी फ़ॉर ह्मूमन राइट्स, ने कहा कि राजधानी दमिश्क़ के उपनगर दोउमा में एक मस्जिद के बाहर सुरक्षाबलों के गोली चलाने से कम-से-कम चार लोगों की मौत हो गई. संस्था का कहना था कि जब सुरक्षाबलों ने मस्जिद के बाहर मौजूद हज़ारों प्रर्दशनकारियों पर गोली चलाई, उस समय पर्यवेक्षक सिटी हॉल में पहुंच रहे थे.

इस संस्था ने कुछ और इलाक़ों में भी हिंसा की घटनाओं और हत्याओं की बात की है.

लेकिन सीरिया में विदेशी मीडिया पर प्रतिबंध होने की वजह से मारे जाने वालों की संख्या और बाक़ी बातों की पुष्टि करना मुश्किल है.

हमा में एक कार्यकर्ता ने रॉयटर्स को बताया, "लोग चाहते हैं कि वे पर्यवेक्षक दल से मिलें लेकिन हमारी पहुंच उन तक नहीं है. लोगों ने अब किसी भी बात या व्यक्ति पर विश्वास करना छोड़ दिया है. अब तो भगवान ही हमें बचा सकते हैं."

लेबनान में मौजूद बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है कि शांति योजना का लगभग एक भी लक्ष्य अब तक पूरा नहीं हुआ है हालांकि बुधवार को सरकार ने 755 लोगों को रिहा किया. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ ये उन चौदह सौ लोगों में से हैं जिन्हें विरोध प्रर्दशनों के दौरान हिरासत में लिया गया था.

'सकारात्मक वक्तव्य'

Image caption अरब लीग के पर्यवेक्षक दल के नेता, सूडान के जनरल मुस्तफ़ा अल-दाबी, के बारे में सवाल उठ रहे हैं.

पर्यवेक्षक दल के नेता जनरल दाबी की शुरुआती टिप्पणियों के बाद उनपर सवाल उठ रहे हैं.

जनरल दाबी ने सीरिया पहुंचने के बाद पहली टिप्पणी ये की थी कि उन्होंने 'कुछ भी डरावना नहीं देखा', हालांकि बाद में उन्होंने कहा था कि उन्हें मूल्यांकन करने के लिए और वक़्त चाहिए.

क़ाहिरा में अरब लीग पर्यवेक्षक दल के एक सदस्य ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि जनरल दाबी को सभी सदस्यों का समर्थन प्राप्त है. उनका कहना था, "ये अभियान दल और इसकी अंतिम रिपोर्ट सीरिया का भविष्य तय करेगी और ये कोई छोटी बात नहीं है."

सीरिया का कहना है कि उसने दल को उसकी ज़रूरत की सभी सुविधाएं मुहैया कराई हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जिहाद माक़देसी ने कहा ये बात 'दल के सूडानी अध्यक्ष के सकारात्मक वक्तव्यों से ज़ाहिर होती है'.

सीरिया के राष्ट्रपति असद का कहना है कि सरकारी बल हथियारबंद गिरोहों से लड़ रहे हैं और इसमें दो हज़ार से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी मारे जा चुके हैं.

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