भारतीय वैज्ञानिक को मिला 'नाइटहुड'

रामाकृष्णन
Image caption रामाकृष्णन को साल 2010 में पद्म विभूषण की उपाधी से भी सम्मानित किया गया था

'आण्विक विज्ञान' यानि 'मॉलिकियूलर बायोलॉजी' में अपने काम के लिए साल 2009 में नोबेल पुरस्कार जीत चुके भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक वेंकटरमन रामाकृष्णन को ब्रिटेन में 'नाइटहुड' की उपाधि दी गई है.

शाही परिवार की तरफ़ से दिए जाने वाला ये पुरस्कार ब्रिटेन के बाहर के लोगों को कम ही मिलता है.

'वेंकी' के नाम से चर्चित 58 वर्षीय रामाकृष्णन कैम्ब्रिज विश्वविद्दालय के एमआरसी लैब ऑफ़ मॉलिक्युलर बायोलॉजी (आण्विक जीव विज्ञान) में कार्यरत है.

नए साल में पुरस्कार पाने वाले लोगों की सूची की आधिकारिक घोषणा में वेंकी को 'आण्विक जीव विज्ञान में उनके काम के लिए' पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की है.

सूची जारी किए जाने के बाद रामाकृष्णन ने कहा, ''मुझे नाइटहुड दिया जाना ब्रितानी समाज में बाहरी लोगों के योगदान को दर्शाता है.''

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ रामाकृष्णन ने कहा, ''लैबोरेटरी ऑफ़ मॉलिक्युलर बायोलॉजी के कई मुख्य सदस्य विदेशी थे जिन्होने आधुनिक जीव विज्ञान में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं.''

रामाकृष्णन ने कहा, ''ये पुरस्कार दिखाता है कि मेडिकल रिसर्च काउंसिल में किस दर्जे का काम होता है. मेरे मामले में इसका श्रेय छात्रों और सहयोगियों को मिलना चाहिए.''

नाइटहुड

माना जाता है कि विदेशियों को नाइट की पदवी मिलना आम बात नहीं है.

इसके बाद व्यक्ति को 'सर' कहकर पुकारा नहीं जाता लेकिन आम बोलचाल में अक्सर उन्हे सर पुकारा जाता है, जैसे कि वेस्ट इंडीज़ के क्रिकेट खिलाड़ी सर गारफ़ील्ड सोबर्स.

साल 2012 के नाइटहुड पुरस्कार सूची में रामाकृष्णन के आलावा दो और विदेशी मूल के नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम है.

पुरस्कार पाने वाले रूसी मूल के ये दोनों वैज्ञानिक आंद्रे गीम और कोन्सटांटिन नोवोसेलोव मैंचेस्टर विश्वविद्दालय में कार्यरत है. इन दोनों को साल 2010 में भौतिक विज्ञान में उनके योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया था.

इससे पहले जिन विदेशियों को नाइट की उपाधी दी गई थी वो ब्रिटेन में नही रहते थे, जबकि रामाकृष्णन, गीम और नोवोसेलोव तीनों ब्रिटेन निवासी है.

रामाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के चिदंबरम में हुआ था. उन्होने बरोदा विश्वविद्यालय और फ़िर ओहायो, कैलिफ़ोर्निया और सैन डियागो के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई की.

रामाकृष्णन को साल 2010 में पद्म विभूषण की उपाधि से भी सम्मानित किया गया था.

साल 2010 की पुरस्कार सूची में ब्रिटेन के पहले सिख जज मोटा सिंह को 'नाइटहुड' से सम्मानित किया गया था.

संबंधित समाचार