चौतरफ़ा आलोचना से घिरे आंध्र के डीजीपी

डीजीपी
Image caption महिलाओं की पोशाक को लेकर किए गए बयान को लेकर चर्चा में आए आंध्रप्रदेश के डीजीपी वी दिनेश रेड्डी

आंध्रप्रदेश के पुलिस महानिदेशक वी दिनेश रेड्डी एक बड़े विवाद में घिरते नज़र आ रहे हैं. उनके इस बयान ने तमाम महिला संगठनों को नाराज़ कर दिया है कि,''राज्य में बढ़ती हुई बलात्कार की घटनाओं के लिए महिलाओं के भड़काऊ कपड़े काफ़ी हद तक ज़िम्मेदार हैं''.

दिनेश रेड्डी ने ये वक्तव्य हैदराबाद में हुए एक समारोह में उस वक्त दिया जब एक संवाददाता ने उनसे पूछा कि राज्य में इस साल 1290 बलात्कार के मामले सामने आए हैं, ऐसे में महिलाओं के खिलाफ़ बढ़ते हुए अपराध का कारण क्या है?

इस सवाल के जवाब में दिनेश रेड्डी का कहना था,''पहले ग्रामीण इलाकों में जहां महिलाएं पारंपरिक पोशाक पहना करती थीं वहीं अब वे आधुनिक और भड़काऊ कपड़े पहनने लगी हैं. यही नहीं लोगों पर फिल्मों का भी गहरा असर पड़ रहा है जिससे काफ़ी फ़र्क पड़ रहा है.''

उन्होंने आगे कहा,''बलात्कार की घटना में वृद्धि या कमी सिर्फ़ पुलिस के कारण नहीं होती बल्कि इसके कई कारण होते हैं. कई सामाजिक शोध में ये पाया गया है कि महिलाओं के कपड़े पहनने के अंदाज़ और उनके खिलाफ़ होने वाले अपराध में गहरा संबंध होता है''.

रेड्डी ने उदाहरण देते हुए कहा कि,इन्हीं वजहों से कई स्कूलों में छात्राओं के छोटी स्कर्ट पहनने पर रोक लगा दी गई है.

दिलचस्प बात ये है कि जब पुलिस महानिदेशक सलवार कमीज़ जैसी पोशाक का विरोध कर रहे थे,तब वहीं एक वरिष्ठ महिला आई पी एस अधिकारी तेजदीप कौर इन्हीं कपड़ों में बैठी थीं.

ये पूछने पर कि क्या वे महिलाओं के लिए किसी ख़ास तरह की पोषाक की सिफ़ारिश करेंगे,दिनेश रेड्डी ने कहा कि वो ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं जिसमें हर किसी को अपने मनचाहे कपड़े पहनने की आजा़दी है.

मॉडल पुलिस स्टेशन

हालांकि इससे ठीक पहले,दिनेश रेडडी ने कहा,''जल्द ही हैदराबाद में एक ऐसा मॉडल पुलिस स्टेशन बनाया जाएगा जहां आम लोगों के लिए दोस्ताना माहौल होगा.जहां आने वाले लोगों को ख़ाकी यूनिफॉर्म पहने सिपाहियों के बजाए रंगीन कपड़े पहनी महिलाएं रिसेप्शन पर शिकायत दर्ज करते हुए मिलेंगी''.

इसपर उनसे पूछा गया कि क्या पुलिस स्टेशन पर इन महिलओं को ख़तरा नहीं होगा और क्या पुलिस उनको सुरक्षा दे सकेगी?

डीजीपी ने पलटकर सवाल पूछ लिया कि,''क्या पुलिस स्टेशन के भीतर आकर कोई महिलाओं को छेड़ने की हिम्मत कर सकता है''?

आलोचना

आंध्रप्रदेश के पुलिस महानिदेशक के इस वक्तव्य के खिलाफ़ देशभर से प्रतिक्रियायें आ रही हैं. केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि,'' महिलाएं किस तरह के कपड़े पहने इसका फै़सला पुलिस नहीं कर सकती,देश के हर नागरिक की तरह उन्हें भी अपने मनचाहे कपड़े पहनने की पूरी आज़ादी है''.

गृहमंत्री ने आगे कहा,''ज़ाहिर है आप फुटबॉल और टेनिस खेलने के दौरान बहुत ज़्यादा कपड़े नहीं पहनते,और ना ही तैराक़ी की पोषाक में किसी कॉकटेल पार्टी में जाते हैं''.

आंध्रप्रदेश की महिला गृहमंत्री सविता इंद्र रेड्डी ने भी डीजीपी के इस बयान की आलोचना की है और कहा, ''लोगों के कपड़ों का फै़सला करना सरकार या पुलिस का काम नहीं है''.

तेलगु फिल्मों की अभिनेत्री लक्ष्मी मंचू ने कहा,''अगर महिलाओं के कपड़ों को लेकर पुलिस की सोच ऐसी है तो पुलिस वालों को भी धोती पहनना शुरू कर देना चाहिए''. एक और अभिनेत्री श्रद्धादास का कहना है,''डीजीपी महोदय महिलाओं को कपड़ों के उपदेश देने के बजाए उनकी सुरक्षा पर ध्यान दें तो ये ज्य़ादा अच्छा होगा''.

बाद में देशभर में अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आए आंध्रप्रदेश के पुलिस महानिदेशक वी दिनेश रेड्डी ने सफाई दी कि उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है.