सहर गुल के शौहर की तलाश

सहर गुल
Image caption सहर गुल को उसके ससुरालवालों ने बुरी तरह प्रताड़ित किया है

अफ़ग़ानिस्तान में एक पंद्रह वर्षीय शादीशुदा लड़की को प्रताड़ित करने वाले उसके पति और अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए दस पुलिस कर्मियों का एक विशेष दल बनाया गया है.

इस लड़की का नाम सहर गुल है जिसे उसके पति और परिवार वालों ने कई महीनों से घर के तहख़ाने में क़ैद करके रखा था. ये मामला इस हफ़्ते तब सामने आया जब पुलिस ने सहर गुल को क़ैद से छुड़ाया.

सहर को क़ैद करने वाले परिवार के कुछ सदस्यों को पुलिस ने ग़िरफ़्तार कर लिया है लेकिन उनके पति अभी तक फ़रार हैं.

सरकार पर दबाव

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि इस तरह के एक के बाद एक कई मामले सामने आने के बाद सरकार पर निर्णायक तरीक़े से कार्रवाई करने का दबाव है.

अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने काबुल में बीबीसी संवाददाता बिलाल सरवरी को बताया, ''यह बेहद गंभीर मामला है जो अस्वीकार्य है और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ इस तरह कार्रवाई करेंगे कि दूसरों के लिए नज़ीर साबित हो."

गृह मंत्रालय का कहना है कि बाग़लान पुलिस फ़ोर्स की निगरानी में हाल ही में एक विशेष दल का गठन किया गया है. लड़की को बुरी तरह प्रताड़ित करने का ताज़ा मामला बाग़लान प्रांत का ही है.

पुलिस का कहना है कि सहर गुल के नाख़ून और बाल खींचकर निकाले गए थे. पुलिस का यह भी कहना है कि उसके शरीर से माँस के कुछ हिस्से प्लायर से निकाले गए थे.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बीबीसी को बताया है कि सहर का अफ़ग़ानिस्तान में ही अच्छी तरह से इलाज किया जा रहा है, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर उन्हें भारत भी ले जाया जा सकता है.

सहर गुल का विवाह एक तीस वर्षीय आदमी के साथ किया गया था. यह लगभग सात महीने पहले की बात है. उस समय सहर की उम्र केवल 14 साल थी.

सहर के माता-पिता जब कई महीने तक अपनी बच्ची से नहीं मिल पाए तो उन्होंने पुलिस से सम्पर्क किया.

बाग़लान पुलिस के अधिकारी जावेद बशरत के मुताबिक़, सहर को उसके ससुराल के जिस कमरे से निकाला गया, वह एक अंधेरा कमरा था जिसमें खिड़की तक नहीं थी.

उत्तरी बाग़लान प्रांत के अधिकारियों के मुताबिक़, उनके पास ख़बरें थीं कि इस लड़की को प्रताड़ित किया गया था क्योंकि उसने वेश्यावृत्ति करने से इंकार कर दिया था.

अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस मामले की पुष्टि नहीं हो पाई थी.

'मानसिक घाव भरना मुश्किल'

बाग़लान स्थित महिला मामलों के विभाग की निदेशक रहीमा जाफ़री का कहना है कि सहर को शारीरिक और मानसिक तौर पर बुरी तरह प्रताड़ित किया गया है. उनका यह भी कहना है कि सहर के मानसिक ज़ख़्म भरना बेहद मुश्किल है.

पुलिस ने सहर के ससुराल वालों को किसी तरह गिरफ़्तार कर लिया है लेकिन उसके पति को अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है.

संवाददाताओं का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के कई हिस्सों में महिलाओं को इसी तरह अपने ससुराल वालों के हाथों घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ता है.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को इस बात की चिंता है कि अफ़गानिस्तान में ख़ास तौर पर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की दशा ख़राब है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान सैन्य अभियान पर केंद्रित है.

उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय मानवाधिकार के मामलों में अधिकारियों पर कम दबाव बनाता है.

अफ़ग़ान क़ानूनों के मुताबिक़, यहाँ विवाह के लिए लड़की की उम्र कम से कम 16 वर्ष होना ज़रूरी है, लेकिन यहां आधी से ज़्यादा महिलाओं का विवाह इससे कम उम्र में ही हो गया था.

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