सैनिक कम होंगे लेकिन सैन्य ताकत नहीं: ओबामा

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Image caption ओबामा ने नई रक्षा नीति पेश की है जिसके तहत सैनिक कम होंगे

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नई रक्षा नीति की घोषणा करते हुए कहा है कि सैनिकों की संख्या कम होगी लेकिन एशिया प्रशांत क्षेत्र में उपस्थिति को और बढ़ाया जाएगा.

पेंटागन में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक दस्तावेज़ पेश करते हुए राष्ट्रपति ने घोषणा की कि नई नीति के तहत हज़ारों सैनिकों की सेवाएं खत्म होंगी.

उन्होंने कहा कि अब युद्ध की विभीषिका कम हो रही है और अमरीका को अपनी आर्थिक ताकत बढ़ाने की ज़रुरत है.

हालांकि राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि अमरीका की सैन्य ताकत इन कटौतियों के बावजूद सबसे मज़बूत रहेगी.

अगले एक दशक में पेंटागन के बजट में 450 अरब डॉलर तक की कटौती होने वाली है.

राष्ट्रपति ओबामा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ जी हां, हमारे सैनिकों की संख्या में कमी होगी लेकिन दुनिया ये जान ले कि अमरीका अपनी क्षमता बरकरार रखेगा और ऐसी सेना होगी जो तेज़ तर्रार, फुर्तील और सभी खतरों से निपटने में सक्षम हो.’’

रक्षा बजट में होने वाली कटौतियां की घोषणा अगले महीने के बजट में की जाएगी लेकिन फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि कितने सैनिक या किस तरह के हथियार कार्यक्रम कम हो जाएंगे.

हालांकि राष्ट्रपति के कार्यालय से जुड़े अधिकारियों ने मीडिया को बताया है कि अगले दस वर्षों में अमरीकी आर्मी और मैरीन कॉर्प्स में दस से 15 प्रतिशत की कटौती का विचार चल रहा है. अगर ऐसा हुआ तो हज़ारों सैनिक सेना से बाहर हो जाएंगे.

इससे पहले ओबामा ने ऑस्ट्रेलिया में नवंबर महीने में दिए अपने भाषण में कहा था कि एशिया प्रशांत क्षेत्र अमरीका के लिए शीर्ष वरीयता वाला क्षेत्र है. चीन की बढ़ती ताकत के मद्देनज़र अमरीका एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहता है.

राष्ट्रपति के साथ रक्षा मंत्री लियोन पनेटा भी मौजूद थे. राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि रक्षा बजट बढ़ेगा लेकिन इसकी वृद्धि दर काफी धीमी होगी.

उन्होंने कहा कि अमरीका पिछले ‘एक दशक से चल रहे युद्ध के अध्याय’ से आगे बढ़ चुका है और अब ‘बदलाव के दौर’ में हैं.

उनका कहना था, ‘‘ हालांकि हमारे सैनिक अभी अफ़गानिस्तान में लड़ रहे हैं लेकिन युद्ध की विभीषिका कम हुई है.’’

राष्ट्रपति का कहना था, ‘‘ हमें घरेलू स्तर पर अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की कोशिश करनी है क्योंकि पूरी दुनिया में हमारी ताकत की नींव अर्थव्यवस्था है. हमें अपनी वित्तीय हालत ठीक करनी होगी.’’

ओबामा के अनुसार नई रणनीति के तहत लंबी अवधि में राष्ट्र निर्माण सहित सेना की भारी तैनाती को खत्म किया जाएगा और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के तहत छोटी सैन्य टुकड़ियों पर ज़ोर दिया जाएगा.

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