अखिलेश को यूपी में बहुमत का भरोसा

अखिलेश यादव
Image caption अखिलेश यादव को भरोसा है कि उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी को बहुमत मिलेगा

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहे अखिलेश यादव ने मतदाताओं को भरोसा दिलाया है कि पार्टी को दोबारा सरकार बनाने का मौक़ा मिला तो कानून-व्यवस्था ख़राब करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी, फिर भले ही वो कोई समाजवादी ही क्यों न हो.

अखिलेश यादव ने यह भी कहा है कि सरकार बनने पर उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश को ख़ुशहाली के रास्ते पर ले जाएगी और किसानों का ख़ास ख़्याल रखा जाएगा.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए अपनी क्रांति-रथयात्रा पर निकलने से पहले लखनऊ में बीबीसी से बातचीत में अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि मौजूदा विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की बहुमत की सरकार बनेगी. लेकिन वे इस सवाल को टाल गए कि चुनाव बाद कांग्रेस के साथ गठबंधन होगा या नही.

भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दा

अखिलेश यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री मायावती की सरकार का भ्रष्टाचार, खेती, बिजली, स्वास्थ्य और पढ़ाई जैसे मुद्दों की उपेक्षा करना समाजवादी पार्टी की ओर से इस चुनाव के मुख्य मुद्दे होंगे.

उनका कहना है कि मायावती ने बड़ी संख्या में मंत्रियों को बर्ख़ास्त करके और विधायकों के टिकट काटकर विपक्ष के आरोपों को सही साबित कर दिया है.

अखिलेश यादव ने कहा, "मुख्यमंत्री ने यह आरोप लगाकर मंत्रियों-विधायकों को बर्ख़ास्त किया और उनके टिकट काटे हैं कि वे भ्रष्ट हैं, लुटेरे हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश को बर्बाद किया है. जो बात विपक्ष कहता था, उसे मुख्यमंत्री ने अपने विधायकों-मंत्रियों को बर्खास्त करके, टिकट काटके सही साबित किया है, इसलिए भ्रष्टाचार चुनावी मुद्दा होगा"

अखिलेश यादव के अनुसार चुनाव का दूसरा बड़ा मुद्दा विकास के धन का दुरुपयोग है. उनका कहना है, ''जिस पैसे से किसानों के लिए सस्ती खाद मिल जाती, समय पर पानी उपलब्ध हो जाता, सस्ता बीज मिल जाता और किसानों को फ़सल का अच्छा मूल्य मिल जाता, उस पैसे को मुख्यमंत्री ने पत्थरों और मूर्तियों में लगा दिया.''

अखिलेश यादव ने यह आरोप दोहराया है कि पत्थरों-मूर्तियों पर हज़ारों करोड़ रुपए ख़र्च किए गए हैं. उनका कहना है कि दुनियाभर में 'एकाध तानाशाह' को छोड़कर किसी लोकतांत्रिक शासक ने ज़िंदा रहते अपनी मूर्तियां नही लगवाईं.

क़ानून-व्यवस्था का वादा

उन्होंने उत्तर प्रदेश को ख़ुशहाली के रास्ते पर ले जाने का वादा किया और कहा, ''किसान ख़ुशहाल होगा, मुसलमान भाइयों के लिए काम होगा, नौजवान बेरोज़गार को रोज़गार उपलब्ध होगा.''

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में साल-दर-साल आने वाली बाढ़ और गोरखपुर इलाक़े में सैकड़ों बच्चों की जान लेने वाली इंसेफ़ेलाइटिस बीमारी को रोकने का भी वादा किया है.

कई लोगों को आशंका है कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो गुंडई–बदमाशी फिर बढ़ जाएगी, इस सवाल पर अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया कि पिछली ग़लती दोहराई नही जाएगी.

उन्होंने कहा, ''मै आपको भरोसा दिलाता हूँ. नेताजी (मुलायम सिंह यादव) और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी ये बात कही है कि कोई भी क़ानून-व्यवस्था को ख़राब करेगा, फिर वो कितना ही क़रीबी हो या समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता हो, उसके खिलाफ़ क़ानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.''

बहुमत की सरकार

चुनाव बाद त्रिशंकु विधान सभा की संभावना पर अखिलेश यादव ने अख़बारों में छपे इस सर्वेक्षण का हवाला दिया है कि समाजवादी पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरेगी. फिर भी उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और उसके प्रत्याशी लगातार मेहनत करेंगे ताकि बहुमत की सरकार बने.

अखिलेश यादव ये सवाल टाल गए कि क्या समाजवादी पार्टी चुनाव बाद कांग्रेस पार्टी से तालमेल करेगी. उन्होंने याद दिलाया कि समाजवादी पार्टी ने केन्द्र में कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया है, लेकिन भ्रष्टाचार के लिए क़ानून जैसे मुद्दों पर मतभेद हैं.

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुमत की सरकार के लिए प्रयास कर रही है क्योंकि बहुमत की सरकार बनी तो समाजवादी सिद्धांत और नीतियों को अच्छी तरह से लागू किया जा सकेगा.

बार–बार कुरेदने पर भी अखिलेश यादव ने केवल इतना कहा, "बहुमत मिल जाएगा तो कांग्रेस का साथ क्यों लेंगे, कांग्रेस से जैसे संबंध बने हुए हैं, चुनाव के बाद भी वैसे ही बने रहेंगे."

संबंधित समाचार