अल शबाब को बनाया गया निशाना

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Image caption अल शबाब के ठिकानों पर हवाई हमले किए गए हैं.

कीनिया की सेना का कहना है कि उन्होंने वायु हमले में सोमालिया के चरमपंथी गुट अल शबाब के 60 लड़ाकों को मार गिराया है और वो इस गुट की कमर तोड़ने के लिए पूर्ण रुप से प्रतिबद्ध हैं.

सेना के प्रवक्ता कर्नल सायरस ओगुना ने कीनिया की राजधानी में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में अल शबाब के 20 लड़ाके गुट छोड़ चुके हैं.

हालांकि अल शबाब ने कहा है कि वो कीनिया को इसका जवाब देगा.

सोमालिया और कीनिया से आ रही खबरों की पुष्टि करना अत्यंत कठिन है क्योंकि दोनों तरफ से आ रही ख़बरें एक दूसरे के विपरीत हैं.

नैरोबी में बीबीसी संवाददाता विल रॉस का कहना है कि कीनिया की सेना को काफी सफलता मिली तो है लेकिन यह सफलता खराब मौसम के कारण है और अत्यंत धीमी भी.

इतना ही नहीं पिछले दिनों इथियोपिया की सेना ने भी सोमालिया में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है जिसके कारण अल शबाब दबाव में है.

सोमालिया में पिछले 20 वर्षों से ऐसी कोई सरकार नहीं है जिसका पूरे देश पर नियंत्रण हो और ऐसे में कई लड़ाकू गुट देश के अलग अलग हिस्सों पर कब्ज़ा बनाए हुए हैं.

इस बीच ब्रितानी विदेश एवं राष्ट्रमंडल कार्यालय ने चेतावनी दी है कि कीनिया पर आतंकवादी हमला हो सकता है.

कार्यालय ने कीनिया में मौजूद ब्रितानी नागिरकों को अत्यंत सतर्क रहने और सार्वजनिक स्थानों पर न जाने की सलाह दी है.

कर्नल ओगुना के अनुसार कीनिया की वायु सेना ने दक्षिणी सोमालिया के गेडो प्रांत में अल शबाब के ठिकानों पर हमला किया जिसमें 60 से अधिक चरमपंथी मारे गए और 50 चरमपंथी घायल हुए हैं.

उनका कहना था, ‘‘ हम उन पर तब तक कार्रवाई करते रहेंगे जब तक हम उनकी कमर नहीं तोड़ देते. हम ऐसा कर पाए तो हमें बहुत खुशी होगी. अल शबाब प्रतिरोध नहीं कर पा रहा है और उसके लड़ाके संगठन छोड़कर भाग रहे हैं.’’

हालांकि अल शबाब ने ट्विटर पर दिए एक संदेश में कहा है कि कीनिया की कार्रवाई उसे ऐसी राह पर ले जा रही है जहां उसे खासा नुकसान होने वाला है.

नैरोबी में कीनिया के एक पुलिस अधिकारी एरिक किरायथे का कहना था कि अल शबाब अभी भी एक चुनौती है और हम ये मानने को तैयार नहीं हैं कि अल शबाब की गतिविधियां पूरी तरह खत्म हो गई हैं.

कीनिया के तटीय इलाक़ों पर पिछले वर्ष हमले हुए थे. कीनिया के अनुसार ये हमले अल शबाब ने किए थे लेकिन अल शबाब इसका खंडन करता रहा है.

इन हमलों के बाद कीनिया ने अक्तूबर महीने में अपने सैनिक सोमालिया की सीमा में भेज दिए थे ताकि अल शबाब के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा सके.

इतना ही नहीं नवंबर महीने में इथियोपिया ने भी अल शबाब के ख़िलाफ कार्रवाई करते हुए अपनी सेनाएं सोमालिया भेज दी थीं.

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