सीरिया में प्रदर्शनों में '27 लोगों की मौत'

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption सीरिया में शुक्रवार को हुए बम धमाके मे मारे गए लोगों का जनाज़ा

सीरिया में शनिवार को अलग अलग स्थानों पर हुए संघर्षों में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई है.

विपक्षी गुटों और स्थानीय समन्वय समितियों के अनुसार होम्स शहर में आठ जबकि इदलीब में 13 लोगों की मौत हुई है.

अरब लीग के पर्यवेक्षक इस समय एक क्षेत्रीय शांति योजना की समीक्षा के लिए सीरिया में हैं लेकिन इस दौरान भी हिंसा में कोई कमी नहीं आई है.

राजधानी दमिश्क में शुक्रवार को एक बम धमाके में मारे गए 26 लोगों के जनाजे का आयोजन सरकार ने किया. इस जनाजे में हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया और इस दौरान संघर्ष भी हुए हैं.

सरकार का कहना है कि वो इस बम धमाके का कड़ा जवाब देगी लेकिन विपक्ष का कहना है कि ये धमाका सरकार ने ही करवाया था.

विपक्ष के कार्यकर्ताओं ने सीरिया में लोगों से अपील की थी कि वो रविवार को काहिरा में अरब लीग के नेताओं की बैठक से पहले विशालकाय प्रदर्शन में हिस्सा लें.

रविवार को होने वाली बैठक में अरब लीग के पर्यवेक्षक सीरिया के बारे में अपनी पहली रिपोर्ट देंगे जिस पर बहस होगी.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि राष्ट्रपति बशर अल असद से ख़िलाफ़ दस महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक 5000 से अधिक आम नागरिकों की मौत हुई है.

सीरिया की विपक्षी स्थानीय समन्वय समिति के अनुसार शनिवार को होम्स, इदलीब, दमिश्क और हमा में 27 लोग मारे गए हैं.

समिति के अनुसार शुक्रवार को उस समय 35 लोगों की मौत हुई थी जब लोगों ने नमाज के बाद सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था.

हालांकि इन आकड़ों की कहीं से भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पा रही है.

अरब लीग ने सीरिया के लिए एक शांति योजना तैयार की थी जिसके तहत सीरिया की सरकार को सड़कों से सेना को वापस बुलाना है. इसी योजना को लागू करने की संभावनाएं तलाशने के लिए अरब लीग के पर्यवेक्षक दिसंबर महीने में सीरिया गए थे.

आलोचकों का कहना है कि असद ने अरब लीग के पर्यवेक्षकों के दौरे का राजनीतिक लाभ उठाते हुए लोगों पर हमले जारी रखे हैं.

शनिवार को बम धमाकों में मारे गए लोगों के जनाजे के आयोजन में सरकारी प्रभाव साफ दिखाई पड़ रहा था और कई ताबूतों को सीरिया के राष्ट्रीय झंडे से लपेटा गया था.

इतना ही नहीं जनाजे़ में शरीक होने के लिए जुटे कई लोगों के हाथों में बशर अल असद की तस्वीरें भी थीं. ये लोग बशर समर्थक नारे भी लगा रहे थे कि सीरिया के लोगों को बशर अल असद चाहिए.

संबंधित समाचार