सीरिया: अरब मिशन के कामकाज पर चर्चा

इमेज कॉपीरइट AP

सीरिया में अपने मिशन की प्रगति पर चर्चा के लिए अरब लीग के विदेश मंत्री काहिरा में बैठक कर रहे हैं.

उम्मीद की जा रही है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन को सीरिया के मिशन में सहयोग के लिए बुलाए जाने के प्रस्ताव पर बैठक में विचार किया जाएगा.

ज़्यादातर स्वतंत्र पत्रकारों को सीरिया में जाने पर प्रतिबंध लगाई गई है लेकिन बीबीसी अरबी के एक संवाददाता को अरब दलों के साथ देश में घुसने दिया गया है.

संवाददाता के अनुसार प्रदर्शनकारियों और सीरियाई नागरिकों ने सुरक्षाबलों की तरफ़ से किए गए दुर्रव्यवहार के बारे में उन्हें बताया.

सीरिया में फ़िलहाल डेढ़ सौ पर्यवेक्षक मौजूद है.

आलोचना

अरब लीग पर्यवेक्षकों के सीरिया में मौजूद होने के बावजूद हिंसा जारी रहने के कारण मिशन की आलोचना भी की गई.

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption दिसंबर से ही अरब लीग के पर्यवेक्षकों का दल सीरिया में है

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक़ शनिवार को हुई हिंसा में कम से कम 27 लोग मारे गए है.

झड़पें उस समय हुई जब राजधानी दमिश्क में सरकार की ओर से एक अंतिम संस्कार समारोह का आयोजन किया जा रहा था.

अकेले इसी झड़प में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे.

सीरिया में स्थिति का मुआयना करने के लिए अरब लीग के पर्यवेक्षक दिसंबर से ही सीरिया में है.

पर्यवेक्षकों को मुख्यतः देखना है कि क्या सीरिया अरब लीग के शांति प्रस्ताव के अनुरूप सड़कों पर से सेना को हटाने और नागरिकों के खिलाफ हिंसा रोकने का काम ठीक से कर रहा है या नहीं.

सांप्रदायिक झड़पे

दो गाड़ियों में पर्यवेक्षको का एक दल शनिवार को बुस्रा शहर में गया जिसकी सुरक्षा के लिए 100 सैनिकों का जमावड़ा साथ भेजा गया. दल ने एक पुलिस स्टेशन को देखा जिसे प्रदर्शनकारियों ने तबाह कर दिया था.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption पर्यवेक्षकों के सीरिया में मौजूद होने के बावजूद हिंसा जारी रहने के कारण मिशन की आलोचना भी हो रही है

शहर में जातीय हिंसा भड़कने की आशंका व्यक्त की जा रही है. बुस्रा में शिया समुदाय के नौ हज़ार लोगों के सड़कों और सम्पत्तियों पर हमले हुए है, यही 20,000 सुन्नी मुसलमान भी रहते है.

गुस्साए सुन्नियों से मिलने के लिए पर्यवेक्षकों ने शहर के मध्य में बनाए गई सीमा को पार भी किया.

जब वे वापस आने लगे तो सरकार के खिलाफ़ एक रैली निकाली गई. प्रदर्शनकारी सीरिया के राष्ट्रपति असद की हत्या की मांग कर रहे थे. सेना ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां नही चलाई और पर्यवेक्षकों ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्ता की.

बैठक में अरब लीग के विदेश मंत्री इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि पर्यवेक्षक किस तरह से स्वतंत्रतापूर्वक काम कर सकते है. फ़िलहाल पर्यवेक्षकों को सीरियाई सैन्य अधिकारियों की सुरक्षा में आना जाना पड़ता है.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ़ पिछले दस महीनों से हो रहे प्रदर्शनों में अब तक पांच हज़ार नागरिक मारे गए है.

संबंधित समाचार