'नाज़ी' शब्द के इस्तेमाल पर रोक की तैयारी

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Image caption इसराइल में कट्टरपंथी यहूदियों के प्रदर्शनों की आलोचना हुई है

इसराइल में ऐसे क़ानून का प्रारूप तैयार हो रहा है, जिसके तहत अध्यापन के अलावा 'नाज़ी' शब्द या होलोकॉस्ट के प्रतीकों के इस्तेमाल को अपराध माना जाएगा.

बुधवार को इस विधेयक पर संसद में शुरुआती चर्चा होगी. इस विधेयक में इसका प्रावधान है कि नाज़ी शब्द या होलोकॉस्ट के प्रतीकों के इस्तेमाल पर छह महीने तक की जेल हो सकती है और 25 हज़ार डॉलर का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

एक सप्ताह पहले अति कट्टरपंथी यहूदियों ने नाज़ी कैंप के यूनिफ़ॉर्म पहनकर विरोध प्रदर्शन किया था. इन लोगों का आरोप था कि उनके समुदाय के ख़िलाफ़ अभियान चलाया जा रहा है.

इस विरोध प्रदर्शन के बाद इसराइल में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी. कई गुटों ने नाज़ी कैंप से जुड़े प्रतीकों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी और इसकी कड़ी आलोचना की थी.

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 60 लाख यहूदी मारे गए थे. उस दौरान बच गए क़रीब दो लाख यहूदी अब भी इसराइल में रह रहे हैं.

आंदोलन

31 दिसंबर में अति कट्टरपंथी यहूदियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ख़िलाफ़ 'धर्मनिरपेक्ष मीडिया' राष्ट्रव्यापी आंदोलन चला रहा है.

इन लोगों ने अपने कपड़ों पर 'पीला स्टार' लगाया हुआ था, जो होलोकॉस्ट के दौरान यहूदियों को पहनने के लिए विवश किया गया था. साथ ही उनके बच्चे नाज़ी कैंप में क़ैदियों के ड्रेस की तरह पोशाक पहने हुए थे.

इन लोगों ने इसराइली पुलिस को नाज़ी कहा. अति कट्टरपंथी यहूदी का ये गुट इसराइल की आबादी का 10 फ़ीसदी है. हाल के दिनों में उनकी इस बात के लिए कड़ी आलोचना हुई है कि वे अपने सख़्त नियमों को दूसरों पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं.

ऐसे कट्टरपंथी गुटों ने बसों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुरुषों और महिलाओं के मिलने पर पाबंदी की मांग की है. ऐसे ही एक गुट ने स्कूल जाने वाली लड़कियों के ड्रेस को अश्लील बताया था और उनका मज़ाक उड़ाया था.

प्रावधान

इसराइल की सरकार ऐसे क़दमों की आलोचना करती रही है. इन अति कट्टरपंथी समुदायों के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं. हाल में हुए एक विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों ने एक पोस्टर पर लिखा था- इसराइल को ईरान बनाना बंद करो.

सोमवार को विधेयक बनाने वाली मंत्रिमंडलीय समिति ने उस विधेयक के समर्थन में मत दिया, जिसके तहत नाज़ी शब्द के सभी रूपों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रावधान है.

साथ ही होलोकॉस्ट से जुड़े प्रतीकों या कपड़ों के पहनने पर भी पाबंदी की बात है. इसके अलावा नाज़ीवाद से जुड़े फोटोग्राफ, चित्र और मूर्तियों पर भी रोक लगेगी.

लेकिन इस विधेयक के प्रारूप की नागरिक अधिकार से जुड़े संगठनों ने आलोचना की है. द एसोसिएशन फ़ॉर सिविल राइट्स इन इसराइल ने एक बयान में कहा है कि ये विधेयक सार्वजनिक बहस और उसकी विषय-वस्तु पर नियंत्रण करने की कोशिश है.

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