‘प्यार जताने’ रैली में पहुंचे असद

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Image caption राष्ट्रपति बशर अल-असद बुधवार को अचानक अपने समर्थकों की एक रैली में पहुंचे

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद बुधवार को अचानक अपने समर्थकों की एक रैली में पहुंचे और कहा कि वो सीरिया के लोगों से अपना प्यार जताने आए हैं.

सरकारी मीडिया पर दिखाए गए सीधे प्रसारण में कुछ समय के लिए उनकी पत्नी अस्मा और बच्चे भी दिखाई दिए.

इससे पहले यह कयास लगाए जा रहे थे देश में बढ़ते राजनीतिक संकट और आंदोलनों के चलते असद का परिवार सीरिया छोड़ चुका है.

राजधानी दमिश्क में समर्थकों की भीड़ के बीच हाथ हिलाते असद पहली बार अनौपचारिक लिबास में दिखे और लोगों के बीच अपनी उपस्थिति से उन्होंने हर किसी को चौंका दिया. असद आमतौर पर जनता से दूर रहते हैं और सार्वजनिक मौकों पर उपस्थित नहीं रहते.

इससे पहले मंगलवार को दिए एक असाधारण संबोधन में राष्ट्रपति बशर अल असद ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय शक्तियाँ सीरिया को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा था कि वो कड़ी से कड़ी कार्रवाई करके 'आतंकवादियों' का ख़ात्मा करेंगे.

युद्ध-अपराधों का आरोप

इस बीच सीरिया में शांति व्यवस्था के आकलन के लिए मौजूद अरब लीग के पर्यवेक्षक दल की विश्वसनीयता लगातार घटती जा रही है.

अरब लीग के पर्यवेक्षकों की टीम में 165 सदस्य हैं. वे उस शांति योजना के लागू किए जाने पर नज़र रखे हुए हैं, जिसमें हिंसा ख़त्म करने, शहरों से भारी हथियार हटाए जाने और राजनैतिक क़ैदियों की रिहाई की बात है.

लेकिन बुधवार को पर्यवेक्षक मिशन के एक सदस्य ने सीरियाई सरकार पर युद्ध-अपराधों का आरोप लगाते हुए अपनी सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है.

मिशन के पूर्व सदस्य अनवर मलिक अल्जीरिया के नागरिक हैं. उन्होंने अल जज़ीरा टेलीविज़न को दिए साक्षात्कार में कहा कि सीरिया में स्थिति पर नज़र रखने वाला ये अभियान एक नाटक है. उन्होंने कहा कि सारिया में स्थिति मानवीय त्रासदी में तब्दील हो चुकी है.

अनवर मलिक ने कहा कि इन स्थितियों को देखते हुए उन्होंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला लिया. उनका कहना है कि मिशन विफ़ल हो रहा है और राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन करने वाली सेना के बंदूकधारी आमलोगों को अपना निशाना बना रहे हैं.

सेना आम नागरिकों को अग़वा कर रही है और सुरक्षा बल लोगों को यंत्रणाएं दे रहे हैं.

सीरियटा के आम नागरिक अरब लीग के पर्यवेक्षक दल की नाकामी को लेकर आवाज़ उठाते रहे हैं. लोगों का कहना है पर्यवेक्षक दल सीरियाई लोगों की मदद से ज़्यादा उनका नुकसाल कर रहा और इसके चलते वह जल्द से जल्द सीरिया छोड़ दे.

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