मैं एक नाराज़ काली महिला नहीं हूँ: मिशेल

 गुरुवार, 12 जनवरी, 2012 को 09:37 IST तक के समाचार
बराक ओबामा और मिशेल ओबामा

मिशेल ने इस बात से इनकार किया कि वह राजनीतिक बैठकों में हिस्सा लेती हैं

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा ने कहा है कि उनके आलोचक लंबे समय से उन्हें 'एक नाराज़ काली महिला' के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं.

दरअसल न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टर जोडी कैंटर ने एक पुस्तक लिखी है- 'द ओबामाज़'. इसमें व्हाइट हाउस में मिशेल की भूमिका की चर्चा है और मिशेल उससे खिन्न हैं.

पुस्तक में इस बात का ज़िक्र किया गया है कि मिशेल और व्हाइट हाउस के पूर्व चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ रैम इमैनुएल के बीच तनाव था.

मगर सीबीएस चैनल को दिए एक इंटरव्यू में मिशेल ने कहा कि उन्हें 'फ़र्स्ट लेडी' यानी कि अमरीकी राष्ट्रपति की पत्नी होना अच्छा लगता है मगर उन्हें अपनी दोनों बेटियों की चिंता है.

मिशेल ने कहा कि एक साल पहले इस्तीफ़ा दे चुके और अब शिकागो के मेयर इमैनुएल उनके बेहद अच्छे मित्र थे और उनके साथ मिशेल की कभी कोई बहस नहीं हुई.

मिशेल ने इस धारणा को भी ग़लत बताया कि वह राजनीतिक बैठकों में हिस्सा लेती हैं. मगर उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया कि वह अपने पति के सामने अपनी राय मज़बूती से रखती हैं.

सहयोगी

विश्वासपात्र

"मैं उनकी सबसे बड़ी सहयोगी हूँ. मैं उनकी सबसे विश्वासपात्र हूँ. मगर उनके इर्द-गिर्द दर्जनों कुशल लोग हैं. मगर इसका मतलब ये नहीं है कि हमारे बीच विषयों पर चर्चा या बात नहीं होती"

मिशेल ओबामा

उन्होंने कहा, "मैं उनकी सबसे बड़ी सहयोगी हूँ. मैं उनकी सबसे विश्वासपात्र हूँ. मगर उनके इर्द-गिर्द दर्जनों कुशल लोग हैं. मगर इसका मतलब ये नहीं है कि हमारे बीच विषयों पर चर्चा या बात नहीं होती."

मिशेल ने बताया, "मेरे ख़्याल से एक विवाद के बारे में सोचना और उसे गढ़ना काफ़ी रोचक होता है. मगर जब से बराक ने राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार होने की घोषणा की तभी से लोग मुझ पर एक ऐसी छवि थोपने की कोशिश कर रहे हैं कि मैं कोई नाराज़ काली महिला हूँ."

मिशेल का कहना था, "मैं सिर्फ़ अपनी तरह रहना चाहती हूँ. और मेरी उम्मीद है कि लोग इस दौरान मुझे बेहतर तरीक़े से समझेंगे. फिर वे मेरा आकलन मेरी तरह करेंगे."

उन्होंने सीबीएस चैनल को बताया कि उन्होंने पुस्तक या इस तरह की रिपोर्टें पढ़ी नहीं हैं.

उनका ये भी कहना था कि पुस्तक की लेखक को उन्होंने कोई इंटरव्यू नहीं दिया मगर कैंटर का कहना है कि उन्होंने पुस्तक में जो भी लिखा है वो व्हाइट हाउस के मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों से बातचीत के आधार पर लिखा.

इस पर मिशेल का कहना था, "मैं क्या महसूस कर रही हूँ उस पर कोई और कैसे लिख सकता है? दूसरा आदमी ये कैसे बता सकता है कि मैं क्या महसूस कर रही हूँ?"

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