सीरिया: विद्रोहियों को आम माफ़ी की घोषणा

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Image caption अरब लीग के पर्येवेक्षकों की मौजूदगी में वहां से हिंसा की ख़बरें आती रहती हैं.

सीरिया में सरकारी मीडिया में प्रसारित हो रही ख़बरों के अनुसार राष्ट्रपति बशर अल-असद ने पिछले दस महीनों में किए गए सभी कथित अपराधों के लिए विद्रोहियों को आम माफ़ी देने की घोषणा की है.

सरकारी समाचार एजेंसी सना के हवाले से आ रही ख़बरों के अनुसार आम माफ़ी की ये घोषणा सीरियाई सेना के उन सदस्यों पर भी लागू होगी जो सेना छोड़कर चले गए थे, बशर्ते कि वे सभी लोग जनवरी ख़त्म होने से पहले हाज़िर हो जाएं.

सैनिकों के अलावा शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन कर रहे लोगों और ग़ैर-लाइसेंसी हथियार जमा करा देने वालों को भी माफ़ करने की घोषणा की गई है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस समय सीरिया में लगभग 14 हज़ार लोग पुलिस और सेना की हिरासत में हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने राष्ट्रपति असद से हिंसा रोकने की अपील भी की है.

बान की मून

बेरूत में अरब जगत में लोकतंत्र पर हो रहे एक अंतरराष्ट्रीय कांफ़्रेंस में बान की मून ने कहा कि अरब में हो रही क्रांति ने ये दिखा दिया है कि लोग अब निरंकुश शासन को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है.

बान की मून ने हिंसा रोकने की अपील करते हुए कहा, ''आज मैं राष्ट्रपति असद से दोबारा कहता हूं कि हिंसा को रोकिए. अपने आदमियों को मारना बंद करें. दमन का रास्ता एक ऐसा रास्ता है जिसका कोई मंज़िल नहीं. पिछले साल की घटनाओं ने बिल्कुल साफ़ संदेश दिए हैं. बदलाव की हवा अब नहीं थमेगी. ट्यूनीशिया से क्रांति की जो ज्वाला भड़की है उसकी रोशनी अब कम नहीं होगी. ''

पिछले साल मार्च से सीरिया में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू होने के बाद राष्ट्रपति असद ने कई बार जेल में बंद कै़दियों की रिहाई की घोषणा की है लेकिन ऐसा माना जाता है कि अब भी कई हज़ार लोग जेलों में बंद हैं.

पड़ोसी मुल्क तुर्की में स्थित बीबीसी संवाददाता जोनाथन हेड का कहना है कि राष्ट्रपति असद की आम माफ़ी की इस ताज़ा घोषणा से भी सीरिया में मौजूद संकट का समाधान ढूंढना मुश्किल है.

सीरिया के कई शहरों में हज़ारों लोग सड़कों पर उतर कर राष्ट्रपति असद को अपनी सत्ता छोड़ने की मांग कर रहें हैं.

सरकार उन प्रदर्शनकारियों पर दमनकारी नीतियां अपना रहीं हैं लेकिन बावजूद इसके असद विरोधी प्रदर्शनों में कोई कमी नहीं आ रही है.

संयुक्तराष्ट्र के अनुसार सीरिया में अब तक सरकार की दमनकारी नीति के कारण अब तक पांच हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.

पिछले सप्ताह असामान्य रूप से राष्ट्रपति असद सार्वजनिक तौर सड़कों पर दिखे थे लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शक्तियों पर सीरिया को अस्थिर करने के प्रयास करने का आरोप लगाया था.

इस मौक़े पर उन्होंने एक दफ़ा फिर प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर 'आतंकवादी' क़रार देते हुए उन्हें कुचलने की बात दोहराई थी.

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