'सीरिया में राष्ट्रीय सरकार का गठन हो'

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Image caption माना जा रहा था कि बैठक में सीरिया अभियान को एक महीने और बढ़ा दिया जाएगा.

अरब लीग ने सीरिया से कहा है कि वो दो हफ़्तों के भीतर विपक्षी दलों से बातचीत शुरु करे और दो महीनों के भीतर देश में राष्ट्रीय सरकार का गठन करे.

मिस्र की राजधानी काहिरा में अरब लीग के विदेश मंत्रियों की बैठक में सीरिया में राजनीतिक सुधारों का रूपरेखा तैयार की गई.

अरब लीग ने दोनों पक्षों से देश में जारी रक्तपात रोकने को कहा है.

इससे पहले सऊदी अरब ने विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वो सीरिया में अरब लीग के शांति अभियान से अपने पर्यवेक्षक वापस बुला रहा है.

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस साउद अल-फ़ैसल ने कहा कि सीरिया की सरकार हिंसा ख़त्म करने के लिए किए गए समझौते का पालन करने में विफल रही है.

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीरिया पर दबाव बढ़ाने को कहा.

माना जा रहा था कि बैठक में सीरिया अभियान को एक महीने और बढ़ा दिया जाएगा.

आलोचकों का कहना है कि 165 सदस्यों वाले पर्यवेक्षक दल ने सीरिया में दस महीनों से जारी हिंसा को रोकने के लिए कुछ नही किया. कार्यकर्ताओं का कहना है दिसंबर में जब से पर्यवेक्षक दल ने अपना काम शुरु किया तब से एक हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.

राजनीतिक सुधार

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Image caption संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों और सैनिकों के बीच झड़प में 5,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

संवाददाता सम्मेलन में लीग के अघिकारियों ने सीरिया अभियान के लिए और समर्थन जुटाने की मांग की.

क़तर के विदेश मंत्री शेख़ हमाद बिन जैसिम अल-थानी ने सीरिया में राजनीतिक सुधारों की वो प्राथमिकताएं गिनाई जिन पर अरब लीग के देशों के विदेश मंत्री सहमत हुए हैं.

अरब लीग ने सीरिया की सरकार से कहा कि वो सैनिकों को बैरकों में लौटने को कहे, बंदियों को रिहा करे और प्रदर्शनों की अनुमति दे.

अरब लीग ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद से कहा कि वो दो हफ़्तों के भीतर विपक्षी दलों से बातचीत शुरु करने के लिए उपराष्ट्रपति को प्रतिनिधि नियुक्त करें और दो महीनों के भीतर देश में राष्ट्रीय सरकार का गठन करे. साथ ही नए संविधान के तहत बहुदलीय चुनाव कराए.

शेख़ हमाद ने ये भी कहा कि लीग सीरिया में बदलाव के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का समर्थन भी चाहती हैं.

लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि वो सैन्य हस्तक्षेप की बात नही कर रहे.

काहिरा में बीबीसी संवाददाता जॉन लेन का कहना है कि उम्मीद है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद अरब लीग के इन प्रस्तावों को खारिज कर देगें और कहेंगे कि राजनीतिक सुधारों का उनका अपना ऐजेंडा है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पिछले साल मार्च से सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों और सैनिकों के बीच हिंसक झड़पो में अब तक 5,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

सीरिया सरकार का कहना है कि वो ‘हथियारबंद गुटों और चरमपंथियों’ के साथ संघर्ष कर रहा है और इसमें उसके 2,000 सैनिक भी मारे गए हैं.

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