इतिहास के पन्नों में 26 जनवरी

भुज में भूकंप इमेज कॉपीरइट AP
Image caption भुज में आए भूकंप में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई और इमारतें ध्वस्त हुईं

भारतीय इतिहास में 26 जनवरी का दिन काफ़ी अहम है.

2001: गुजरात के भूकंप में हज़ारों की मौत

भारत के पश्चिमी हिस्से और पाकिस्तान के कई हिस्से एक बड़े भूकंप से प्रभावित हुए जिसकी वजह से हज़ारों लोग मौत की नींद सो गए.

अहमदाबाद के निकट भुज शहर इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ. भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि देश एक आपातस्थिति से गुज़र रहा है जिसका सामना युद्धस्तर पर किया जाएगा.

उन्होंने सभी से एकजुट होकर उसका सामना करने की अपील की.

अधिकारियों ने बताया कि दो हज़ार शव निकाले जा चुके हैं मगर फिर भी हज़ारों लोग ध्वस्त इमारतों के मलबे में दबे हो सकते हैं. उनमें भुज के एक स्कूल के 400 बच्चे भी शामिल हैं.

बचावकर्मियों को मदद के लिए वहाँ पर रात में फ़्लड लाइट लगाई गई. गुजरात के गृह मंत्री हरेन पांड्या ने कहा कि लोगों को पुरानी इमारतें छोड़ने के लिए कह दिया गया है.

भूकंप सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर आया. भारत में ये गणतंत्र दिवस की वजह से सार्वजनिक अवकाश का दिन था.

अस्पताल भी इस भूकंप का शिकार हुए जिसकी वजह से राहत कार्य में बाधा आई. इस भूकंप की तीव्रता 6.9 से 7.9 के बीच थी और इसका असर बांग्लादेश, नेपाल और दक्षिण भारत तक महसूस किया गया.

पड़ोसी देश पाकिस्तान में आठ लोगों की मौत हुई.

1950: भारत गणतंत्र बना

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली

लगभग 100 साल के ब्रितानी शासन के बाद इसी दिन भारत एक पूर्ण गणतंत्र बन गया.

देश भर में इस दिन को सार्वजनिक अवकाश के तौर पर घोषित किया गया और लाखों लोग भारत के तिरंगे झंडे के साथ सड़कों पर निकल पड़े.

वैसे 15 अगस्त 1947 में ही ब्रितानी शासन समाप्त हो गया था और उसके बाद से ही भारत सरकार अस्तित्व में थी.

मगर इस दिन भारत का नया संविधान अस्तित्व में आया और राष्ट्रपति को शपथ दिलाई गई.

राजधानी दिल्ली में अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने भारतीय गणतंत्र से जुड़ी घोषणा की.

डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बतौर पहले राष्ट्रपति शपथ ली.

महात्मा गाँधी के आंदोलन में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का अहम हिस्सा था. राष्ट्रपति ने पहले हिंदी और फिर अँगरेज़ी में भाषण दिया.

इसके बाद डॉक्टर प्रसाद अपनी गाड़ी में सड़क पर लोगों के बीच निकले और हज़ारों लोगों ने उनका स्वागत किया.

1998: बिल क्लिंटन ने मोनिका से संबंधों से इनकार किया

अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने 24 वर्षीया मोनिका लेविंस्की के साथ संबंधों की ख़बरों से पूरी तरह इनकार किया.

क्लिंटन ने इस बात से भी इनकार किया कि उन्होंने मोनिका को झूठ बोलने के लिए कहा था.

मीडिया में इस बात की काफ़ी चर्चा रही कि मोनिका लेविंस्की के साथ 1995 में बिल क्लिंटन का 18 महीने तक संबंध रहा.

राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में इस ख़बर से पूरी तरह इनकार किया.

उन्होंने कहा, "मेरे उस महिला, सुश्री लेविंस्की के साथ यौन संबंध नहीं थे. मैंने कभी किसी को झूठ बोलने के लिए नहीं कहा, एक भी बार नहीं, कभी नहीं."

संबंधित समाचार