गुजरात के फ़र्ज़ी मुठभेड़ों की जांच के आदेश

 बुधवार, 25 जनवरी, 2012 को 19:42 IST तक के समाचार
नरेंद्र मोदी

मोदी सरकार ने गुजरात विधानसभा में स्वीकार किया था कि राज्य में फ़र्ज़ी मुठभेड़ें हुईं

उच्चतम न्यायालय ने गुजरात में वर्ष 2003 से वर्ष 2006 के बीच हुई कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ों की जांच के आदेश दिए हैं.

जांच का जिम्मा उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एमबी शाह की अध्यक्षता वाली समिति को सौंपा गया है.

इस तरह की फ़र्ज़ी मुठभेड़ों की संख्या 20 से ज़्यादा है. जांच के आदेश से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश आफ़ताब आलम की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को कहा कि शाह समिति इन मामलों की जांच के लिए गुजरात और राज्य से बाहर के पुलिस अधिकारियों को मिलाकर अपनी टीम बना सकती है.

तीन महीने में जांच रिपोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने इन कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ों की पहली जांच रिपोर्ट तीन महीने के भीतर देने का आदेश दिया है.

सोहराबुद्दीन शेख़ फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले की जांच सीबीआई पहले से ही कर रही है

अहमदाबाद से वरिष्ठ पत्रकार अजय उमठ ने बीबीसी को बताया कि गुजरात विधानसभा में मोदी सरकार ने स्वीकार किया था राज्य में 31 फ़र्ज़ी मुठभेड़ के मामले सामने आए इनमें से 21 मामले अल्पसंख्यकों से जुड़े हैं.

उन्होंने बताया कि इन मामलों में वे मामले भी शामिल हैं जिनमें कहा गया था कि कुछ बाहरी लोग मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी को मारने के इरादे से आए थे. ऐसे लोगों का संबंध लश्कर-ए-तैयबा या इंडियन मुजाहिदीन जैसे चरमपंथी गुटों से बताया गया था.

अजय उमठ के मुताबिक़ इनमें सोहराबुद्दीन शेख़, क़ौसर बी और इशरत जहां, तुलसीराम प्रजापति, समीर ख़ान पठान, सादिक़ जमाल के मामले भी शामिल हैं जिनकी सीबीआई पहले से ही जांच कर रही है, लेकिन 15 ऐसे मामले भी हैं जिनमें शुरूआती जांच तक नहीं हुई थी.

ग़ौरतलब है कि जिन लोगों की याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने ये आदेश दिया है उनमें मशहूर गीतकार और संवाद लेखक जावेद अख़्तर के साथ वरिष्ठ पत्रकार वीजी वर्गीस शामिल हैं.

उच्चतम न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि इन तीन महीनों के दौरान उन्हें यदि ऐसा लगे कि जांच का काम सही तरीके से नहीं हो रहा है तो वे शाह समिति को इससे अवगत करा सकते हैं.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.