इतिहास के पन्नों में 29 जनवरी

इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो पाएगें कि आज ही के दिन फ़्रांस ने घोषणा की थी कि वो अब और परमाणु हथियारों का परीक्षण नहीं करेगा. इसी दिन साल 2002 में अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ईरान, ईराक़ और उत्तरी कोरिया को दुष्टता की धुरी बताया था.

1996 : फ़्रांस ने परमाणु परीक्षण पर रोक लगाई

Image caption फ़्रांसीसी परमाणु परीक्षण की क्षमता हिरोशिमा पर गिराए गए बम से छह गुना अधिक थी.

आज ही के दिन साल 1996 में फ़्रांस के राष्ट्रपति जैक्स शिराक ने घोषणा की थी की फ़्रांस अब और परमाणु हथियारों का परीक्षण नहीं करेगा.

इस घोषणा के पहले फ्रांस ने दक्षिण प्रशांत में अपना छटवां और सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण किया था.

साल 1995 के जून महीने में फ़्रांस ने घोषणा की थी कि वो परमाणु परीक्षणों को बहाल करेगा. इस घोषणा के बाद दुनिया भर में हंगामा मच गया और फ़्रांस का विरोध होने लगा, कई जगहों पर फ्रांसीसी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिए गए.

देश के नाम एक संबोधन में शिराक ने कहा था की ये परीक्षण देश और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी था.

यूं तो फ़्रांस ने आठ परमाणु परीक्षण करने का मंसूबा बनाया था लेकिन बाद में विरोध के चलते परीक्षणों का कार्यक्रम बीच ही में बंद कर दिया गया.

शिराक ने परीक्षणों को जायज़ ठहराते हुए परमाणु हथियारों को विचार विमर्श का हथियार और शांति का औज़ार बताया था.

फ़्रांस ने यह भी घोषणा की कि वो बिना शर्त अंतरराष्ट्रीय परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि पर हस्ताक्षर करेगा.

फ़्रांस के इस परमाणु परीक्षण की क्षमता एक लाख 20 हज़ार टन के परंपरागत विस्फोटक के बराबर थी जो अमरीका द्वारा जापान के शहर हिरोशिमा पर 1945 में गिराए परमाणु बम से छह गुना ज़्यादा थी.

2002 : बुश ने की 'दुष्टता की धुरी' की घोषणा

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Image caption बुश ने ईरान, ईराक़, उत्तरी कोरिया को विश्व शांति के लिए ख़तरा बताया था.

अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में ईरान, ईराक़, उत्तरी कोरिया को दुनिया में दुष्टता की धुरी क़रार दिया.

अपने पूरे कार्यकाल के दौरान बुश ने इस संज्ञा का इस्तेमाल कई बार किया.

अमरीकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि ये तीन राष्ट्र चरमपंथियों की मदद कर रहे हैं और महाविनाश के हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.

इस भाषण के दौरान बुश ने उत्तरी कोरिया को एक ऐसी सत्ता बताया जो अपने नागरिकों को भूखा रख कर मिसाइलों सहित महाविनाश के अन्य हथियारों को पाने की चेष्टा कर रही है. हालांकि बुश नें अपने भाषण में ईराक़ की सबसे ज़्यादा बुराई की.

बुश ने कहा, "ईराक़ लगातार अमरीका के प्रति अपनी शत्रुता ज़ाहिर करता रहता है, साथ ही चरमपंथियों की सहायता भी करता है."

उन्होंने आरोप लगाया कि ईराक़ी सत्ता एंथ्रेक्स, नर्व गैस और परमाणु हथियारों को हासिल करने के प्रयास करती रहती है.

उन्होंने कहा कि यह तीनों देश विश्व शांति के लिए ख़तरा हैं.

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