बेटियों की हत्या का दोषी आप्रवासी अफ़ग़ान युगल

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Image caption मोहम्मद शफ़िया का साथ इसमें उनकी पत्नी टूबा और बेटे हामिद ने भी दिया

कनाडा के एक अफ़ग़ान आप्रवासी परिवार के तीन सदस्यों को 'पारिवारिक सम्मान' के नाम पर चार महिला परिजनों की हत्या का दोषी पाया गया है.

तीन युवतियों और उनके पिता की पहली पत्नी का शव ओंतारियो राज्य के किंग्स्टन शहर में एक नहर में डूबी कार में मिला था.

उन लड़कियों के पिता, भाई और उनकी माँ को कम से कम 25 साल तक जेल में रहना होगा.

अभियोक्ताओं के अनुसार पिता इस बात से नाराज़ थे कि उनकी दोनों बड़ी बेटियाँ पुरुष मित्र चाहती थीं और पिता को लगता था कि यह उनकी परंपरा के अनुरूप नहीं है.

अदालत में बताया गया कि मोहम्मद शफ़िया नाम का आदमी किस तरह अपनी तीनों युवा बेटियों से इस बात को लेकर नाराज़ था कि वे लड़कों के साथ गुपचुप संबंध रखती थीं और अंग प्रदर्शन करने वाले कपड़े पहनती थीं.

अभियोग पक्ष उन रिकॉर्डिंग के आसरे था जिनसे शफ़िया की नाराज़गी झलकती थी और जिनमें उसने अपनी मृत बेटियों को बार बार 'वेश्याओं' के तौर पर संबोधित किया.

जज रॉबर्ट मरांगेर ने शफ़िया, उसकी पत्नी टूबा याहया और उनके बेटे हामिद से कहा, "इन शर्मनाक हत्याओं की वजह ये लगती है कि उन चारों ने आपके सम्मान के विकृत नज़रिए को चोट पहुँचाई."

पिता की आपत्ति

टोरंटो में मौजूद बीबीसी संवाददाता ली कार्टर के अनुसार तीन महीने चले इस मुक़दमे पर पूरे देश की नज़रें लगी थीं.

आदेश सुनाए जाने के बाद एक अनुवादक के सहारे मोहम्मद शफ़िया ने कहा, "हम अपराधी नहीं हैं, हम हत्यारे नहीं हैं. हमने हत्या नहीं की और ये नाइंसाफ़ी है."

तीनों बहनों- ज़ैनब, सहर और गीती शफ़िया क्रमशः 19, 17 और 13 साल की थीं और उनके शव पिता की पहली पत्नी रोना आमिर मोहम्मद के साथ जून 2009 में एक नहर से मिले थे.

वे नियाग्रा जलप्रपात घूमने गए थे और मॉन्ट्रियल में अपने घर के रास्ते में किंग्स्टन के पास रात गुज़ारने के लिए रुके थे.

अभियोग पक्ष ने आरोप लगाया था कि मोहम्मद, टूबा और हामिद ने चारों को डुबाकर मारा फिर उनके शवों को कार में रखकर कार नहर में डाल दी.

वहीं पहली पत्नी मोहम्मद तलाक़ चाहती थीं और तीनों बेटियों की पश्चिमी परंपराओं के अनुरूप जीवन बिताने की इच्छा का समर्थन भी करती थीं.

शफ़िया का परिवार 10 सदस्यीय था जिसने 1992 में अफ़ग़ानिस्तान छोड़ दिया था. ये परिवार 2007 में कनाडा आया. इससे पहले वे ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और दुबई में रहे थे.

शफ़िया ने टूबा याहया से इसलिए शादी की क्योंकि उनकी पहली शादी से कोई संतान नहीं थी.

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