अमरीका का बयान, असद को 'जाना होगा'

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Image caption रूस ने लगातार सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद का साथ दिया है

अमरीका ने सभी देशों से अपील करते हुए ये फ़ैसला करने को कहा है कि क्या वे सीरिया के 'बर्बर शासन' का साथ देंगे.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं के अनुसार सीरिया में सोमवार को कुल 95 लोग मारे गए और ये मौतें राजधानी दमिश्क और होम्स शहरों में हुईं.

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस के अनुसार राष्ट्रपति असद सीरिया पर से नियंत्रण खो चुके हैं और कहा कि 'उन्हें जाना होगा.'

रूस ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र में आने वाले ऐसे किसी भी प्रस्ताव का विरोध करेगा जिसमें असद से अपने सहायक को सत्ता सौंपने के लिए कहा जाएगा जो बाद में राष्ट्रीय एकता की सरकार का गठन करेगा.

रूस ने कहा है कि अरब लीग ने प्रस्ताव की जो भाषा रखी है और जिसे अमरीका, ब्रिटेन तथा फ़्रांस का समर्थन भी हासिल है वो "संतुलित नहीं है" और सीरिया के अंदरूनी मामले में ''दख़लंदाज़ी की गुंजाइश छोड़ता है.''

सीरिया में सरकार विरोधी गुटों की स्थानीय समन्वय समिति ने अपने फ़ेसबुक पेज पर कहा कि सोमवार को मारे जाने वालों की संख्या 95 थी जिनमें से 72 लोग होम्स शहर में मारे गए. दक्षिण में डेरा शहर में 15 लोग और राजधानी दमिश्क में छह मौतें हुईं.

इन दावों की स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि बीबीसी और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों को सीरिया में प्रवेश की अनुमति नहीं है.

अमरीकी दावा

व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि जो देश सुरक्षा परिषद में अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं उन्हें ये ध्यान में रखना चाहिए कि अंत में असद सत्ता से हटा ही दिए जाएँगे.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा, "ये प्रशासन देश का नियंत्रण खो चुका है और अंत में गिर ही जाएगा."

अभी तक सीरिया के साथ संबंध बनाए रखे रूस ने सीरिया में हिंसा की आलोचना करने वाले किसी भी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का विरोध किया है. रूस का देश में नौसैनिक अड्डा है और वह सीरिया को हथियारों की आपूर्ति भी करता है.

रूस के विदेश उपमंत्री गेनादी गतिलोव ने इंटरफ़ैक्स समाचार एजेंसी से कहा, "पश्चिमी देशों के मौजूद प्रस्ताव का हम लोग निश्चित रूप से समर्थन नहीं करते हैं."

इस बीच फ़्रांस का कहना है कि सुरक्षा परिषद के 15 में से 10 सदस्य देश अब अरब लीग के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं. किसी भी प्रस्ताव पर मतदान के लिए उसे नौ सदस्य देशों का समर्थन ज़रूरी है.

मगर बतौर स्थाई देश रूस किसी भी प्रस्ताव पर वीटो कर सकता है.

उधर सीरियाई सराकर ने अरब लीग का प्रस्ताव ठुकरा दिया है जिसके तहत असद के किसी सहायक को दो महीने के भीतर राष्ट्रीय एकता की सरकार बनानी है.

क़तर के प्रधानमंत्री और अरब लीग के महासचिव प्रस्ताव के मसौदे पर समर्थन जुटाने के लिए न्यूयॉर्क पहुँच रहे हैं.

इससे पहले शनिवार को अरब लीग ने घोषणा की थी कि सीरिया में वह अपने एक महीने से जारी पर्यवेक्षक मिशन को समाप्त कर रहा है क्योंकि वहाँ हिंसा में बढ़ोत्तरी हुई है.

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