मिस्र:फुटबॉल मैच में हिंसा, 79 की मौत

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Image caption पोर्ट सईद शहर में फुटबॉल मैंच के दौरान प्रशंसकों के बीच हुई हिंसक झड़प

मिस्र के पोर्ट सईद शहर में बुधवार को एक फुटबॉल मैच के दौरान प्रशंसकों के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम 79 लोगों की मौत हो गई है.इस हिंसक संघर्ष में सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं.

ये घटना तब हुई जब ‘‘अल-मासरी’’ और ''अल-अहले'' क्लब के समर्थकों के बीच श्रेष्ठता को लेकर झड़पें हो गई. ये हिंसक संघर्ष मैच के आख़िरी क्षणों में हुआ जब ‘अल-मासरी’ ने 3-1 से मैच जीत लिया.

जैसे ही मैच समाप्त हुआ ‘अल-मासरी’ के समर्थक मैंदान पर उतर आए और उन्होंने स्थानिय टीम 'अल-अहले' समर्थकों और खिलाड़ियों पर हमला बोल दिया. इसके बाद स्टेडियम में भगदड़ मच गई.

मिस्र के उप स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि ये मिस्र के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना है.

समाचार ऐजेंसी एपी को एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों में कुछ सुरक्षा अधिकारी भी हैं. घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है.

नफ़रत भरी प्रतिद्वंद्विता

काहिरा में बीबीसी संवाददाता जॉन लेन का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. कुछ लोग हथियारों और चाकू से भी घायल हुए हैं.

संवाददाता का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होना भी इसकी एक वजह हो सकती है.

पिछले साल हुस्नी मुबारक को सत्ता से हटाए जाने के लिए हुए जनविद्रोह के बाद से ही मिस्र में पुलिस का रवैये में काफी बदलाव आया है.

Image caption मैंच समाप्त होने के बाद ‘अल-मासरी’ के समर्थकों ने 'अल-अहले' के समर्थकों और खिलाड़ियों पर हमला बोल दिया.

सरकारी टेलीविज़न पर जो दृश्य दिखाई दिए हैं उनसे पता चलता है कि किस तरह स्टेडियम में प्रशंसकों की भिड़ंत हुई.स्टेडियम के कुछ हिस्सों में आग भी लगा दी गई.

हालांकि दंगा नियंत्रण पुलिस ने खिलाड़ियों को बचाने की कोशिश की पर वो इसमें नाकाम रहे.

अल-अहले के एक खिलाड़ी ने कहा,' ये फुटबॉल नही है, ये एक युद्घ था और हमारे सामने लोग मर रहे थे.'

अधिकारियों का कहना है ज़्यादातर मौतें सिर में गहरे घाव और भगदड़ की वजह से दम घुटने से हुई है.

षडयंत्र

इस बीच, हाल के चुनावों में सबसे बड़े दल के रुप में उभरने वाले दल मुस्लिम ब्रदरहुड ने इस हिंसा के लिए हुस्नी मुबारक के समर्थकों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

मुस्लिम ब्रदरहुड के नेता एहसान अल-एरन ने कहा कि पोर्ट सईद की घटना पूर्व नियोजित थी और ये पूर्व सत्ता के लोगों का संदेश है.

हमारे संवाददाता का कहना है कि मिस्र के फुटबॉल समर्थक आम तौर पर हिंसक होते हैं, विशेष रुप से ‘'अल-अहले'’ क्लब के समर्थक.

इस घटना के बाद काहिरा में होने वाला मैच रद्द कर दिया गया है.

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