सीरिया: रूस ने दी वीटो की धमकी

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Image caption गुरूवार को कुछ राजदूतों ने कहा था कि परिषद में प्रस्ताव पर सहमति बनने के क़रीब है

राजनयिकों ने कहा है कि सीरिया पर अरब लीग के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मतदान होने की स्थिति में रूस ने अपना वीटो देने की धमकी दी है.

बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लैट के अनुसार रूसी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अपनी सरकार से इस मुद्दें पर बातचीत के लिए समय चाहिए.

इस बीच नए प्रस्ताव की प्रतियां सरकारों को विचार के लिए भेजी जानी है.

रूस की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए नए प्रस्ताव में पहले ही बदलाव किए जा चुके है.

ताज़ा मसौदे में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को सत्ता से हट जाने की मांग हटा ली गई है.

असद को सत्ता से हटाया जाना अरब लीग के शांति प्रस्ताव में मुख्य तौर पर शामिल है लेकिन रूस इसका विरोध करता आया है.

राजनयिकों के मुताबिक़ रूसी राजदूत विटली चर्किन ने मतदान की स्थिति में प्रस्ताव पर वीटो देने की ताज़ा घोषणा सुरक्षा परिषद की एक बैठक में की.

गुरूवार को कुछ राजदूतों ने कहा था कि परिषद में प्रस्ताव पर सहमति बनने के क़रीब है.

बीबीसी संवादादाता का कहना है कि रूस के ताज़ा विरोध के बावजूद मसौदे की नई प्रति सरकारों को भेजी जाएगी.

संवादादाता के अनुसार मसौदे पर 24 घंटों में आपत्ति नहीं दर्ज कराने की स्थिति में उस पर वोट किया जा सकेगा.

जारी रहेगी चर्चा

संयुक्त राष्ट्र में कोलोंबो के राजदूत नेस्टर ओसोरियो ने पत्रकारों से कहा कि चर्चाओं का दौर शुक्रवार को भी जारी रहेगा.

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Image caption मानवाधिकार संगठनों के अनुसार सीरिया के आंदोलन में अब तक सात हज़ार से ज़्यादा आम नागरिक मारे जा चुके है

एक उच्च स्तरीय बैठक में अरब लीग के शांति प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद के समर्थन की मांग के बाद परिषद में बातचीत बुधवार को शुरु हुई थी.

इधर सीरिया में हिंसा के बावजूद उसके क़रीबी रूस ने असद सरकार को हथियार बेचना बंद नहीं किया है.

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सीरिया में पिछले साल मार्च में शुरू हुए आंदोलन में सुरक्षाबलों के हाथों अब तक सात हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

सीरिया में लोगों के मौत की गिनती संयुक्त राष्ट्र ने 5,400 पार होने के बाद जनवरी में ये कहकर बंद कर दी थी कि उसके लिए इन मौतों की पुष्टि करना कठिन है.

सरकार का कहना है कि ''हथियारबंद लड़ाकों'' के साथ झड़पों में अब तक सुरक्षाबलों के क़रीब 2000 जवान मारे गए हैं.

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