'बलात्कार को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं'

Image caption मिरडल कहते हैं कि माओवादी अपने संसाधनों के लिए लड़ रहे हैं

वामपंथी बुद्धिजीवी यान मिरडल ने लगभग डेढ़ साल पहले सीपीआई (माओवादी) के महासचिव गनपति से जंगलों में मुलाक़ात की जिसके आधार पर उन्होंने 'रेड स्टार ओवर इंडिया' नामक किताब लिखी है. इस किताब का दिल्ली में इसी हफ़्ते विमोचन होना है.

नेहरू और माओत्से तुंग के दोस्त रहे मिरडल ने 'रेड स्टार ओवर चाइना' की तर्ज़ पर ये किताब लिखी है.

बीबीसी से बातचीत के दौरान मिरडल ने बताया, ''माओवादियों के ख़िलाफ़ मुहिम में लगे सरकार समर्थित तत्त्व महिलाओं के साथ बलात्कार करते हैं और इसे माओवादियों के ख़िलाफ़ हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं.''

हांलाकि राज्य और केंद्र सरकार हमेशा ये कहती रही है कि वे मानवाधिकार उल्लंघन के हर मामले को गंभीरता लेती है और उसपर कार्रवाई करती है.

माओवादियों की गतिविधियों को नज़दीकी से देखने वाले मिरडल ने अपने अनुभव के आधार पर बीबीसी को बताया, ''जब सुरक्षा बल महिलाओं के साथ बलात्कार करते हैं तो इससे माओवादियों का आक्रोश बढ़ जाता है.''

मिरडल का ये भी मानना है माओवादियों ने आदिवासियों का सशक्तीकरण किया है और माओवादियों की सफलता का ये एक बड़ा कारण है.

मौत के घाट

मिरडल ने बताया, ''माओवादी इन लोगों के ख़िलाफ़ जन-अदालत लगाकर सुनवाई करते हैं और फिर उन्हें सज़ा के तौर पर मौत के घाट उतार देते हैं.

एक सवाल के जवाब में मिरडल ने कहा, ''एक समय था जब माओवादी अलग-अलग गुटों में टूट रहे थे. लेकिन अब पहले से ज़्यादा एकजुट हैं. माओवादी अपने जंगल अपनी ज़मीन, अपने संसाधनों की विदेशी कंपनियों द्वारा लूट के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं.''

उन्होंने कहा कि माओवादी एकजुट नहीं रहेंगे तो हार जाएंगे.

भारत सरकार की नीतियों का ज़िक्र किए जाने पर मिरडल ने कहा, ''सरकार माओवादी इलाक़ों में विकास के नाम पर पैसा दे रही है, सरकार यदि पैसा नहीं देगी तो वहां बहुराष्ट्रीय कंपनियां इन इलाक़ों में काम नहीं करेंगी और अनुबंध तोड़ देंगी.''

मिरडल ने कहा कि सरकार पैसा नहीं देगी तो बहुराष्ट्रीय कंपनियां वहां काम भी नहीं कर पाएंगी और ये कंपनियां अपने लिए मुसीबत नहीं चाहती हैं.

मिरडल इस समय पूरे भारत में घूम-घूमकर व्याख्यान दे रहे हैं.

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