'कांग्रेस-बसपा-सपा की मिली-भगत'

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Image caption गडकरी कहते हैं कि कांग्रेस, मुलायम सिंह और मायावती को सीबीआई जांच की आंच से बचाती रही जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं.

कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी पर भ्रष्टाचार के साथ-साथ वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा है कि अगर उनकी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है, तो वो विपक्ष में बैठना पसंद करेंगें.

नितिन गडकरी ने इलाहाबाद में कहा, ''कांग्रेस और समाजवादी दोनों ही पार्टियों ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में धार्मिक अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने का वादा किया है. हम जानना चाहते हैं कि वे आरक्षण आख़िर किस तरह देंगे जबकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि आरक्षण 50 फ़ीसद से ज़्यादा नहीं हो सकता.''

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ गडकरी ने कहा कि इन पार्टियों को बताना चाहिए कि क्या वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में कटौती करने की सोच रही हैं.

'मिली-भगत'

गडकरी ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी इस बारे में ख़ामोश है, जो ख़ुद को दलितों की पार्टी होने का दम भरती है.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''ऐसा लगता है कि सभी पार्टियों की मिली-भगत है.''

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Image caption बीजेपी ने पूछा है कि दलितों की हिमायती होने का दम भरने वाली पार्टी आरक्षण पर कांग्रेस के रुख़ पर मौन क्यों है

गडकरी ने कहा, ''इतना ही नहीं, ये पार्टियां आरक्षण की बात इसलिए नहीं कर रही हैं क्योंकि उन्हें मुसलमानों की वाकई चिंता है, बल्कि वे ऐसा इसलिए कर रही हैं क्योंकि वे इस समुदाय को महज एक वोट बैंक की तरह देखती हैं.''

उन्होंने कहा, ''इन पार्टियों की ये मिली-भगत और रणनीति वोट बैंक की राजनीति तक ही सीमित नहीं है, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जब-जब उन पर हमला होता है, ये पार्टियां एक-दूसरे की मदद करती हैं.''

गडकरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की तब मदद की थी, जब बढ़ती क़ीमतों के ज्वलंत मुद्दे पर संसद में उसके ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था.

उन्होंने कहा कि 2-जी घोटाले पर लोकलेखा समिति की रिपोर्ट आने पर भी अपना बचाव करने के लिए इन पार्टियों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का समर्थन किया था.

गडकरी ने कहा कि कांग्रेस मुलायम सिंह और मायावती को सीबीआई जांच की आंच से बचाती रही, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं.

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