यूएन महासचिव: सीरिया में और बिगड़ सकते हैं हालात

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Image caption महासचिव ने कहा कि होम्स में हो रही हिंसा से लगता है कि आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा है कि सीरिया पर लाए गए प्रस्ताव के रूस और चीन के विरोध के बाद सीरियाई सरकार की हिम्मत और बढ़ गई है. और इसके बाद सीरिया ने अपने ही लोगों के विरुद्ध हमले और तेज़ कर दिए हैं.

संयुक्त राष्ट्र में दिए गए भाषण में बान ने कहा कि होम्स में हो रही हिंसा से लगता है कि आने वाले वक़्त में स्थिति और ख़राब हो सकती है.

उन्होंने सवाल उठाया कि गृह युद्ध और जातीय हिंसा कितनी और मौतों के बाद रुकेगी.

इस बीच सीरिया के होम्स शहर के निवासियों ने बीबीसी को बताया है कि सीरियाई सेनाव वहाँ लगातार पाँचवें दिन बमबारी कर रही है.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि वहाँ सड़कों पर टैंक हैं और सरकार का समर्थन करनेवाले हथियारबंद गुट घरों में घुस आम लोगों की हत्या कर रहे हैं.

एक दिन पहले, मंगलवार को राष्ट्रपति बशर अल असद ने हिंसा को रोकने का वादा किया था.

अमरीका ने कहा है कि पिछले सप्ताह सुरक्षा परिषद में लाए गए प्रस्ताव के रूस और चीन के विरोध के कारण गिर जाने के बाद हिंसा रूकवाने के उसके सारे विकल्प समाप्त हो चुके हैं.

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि अभी हिंसा को रोकने के लिए कुछ कर पाने की बात सोचना अव्यावहारिक है, हालाँकि अमरीका अभी भी उम्मीद कर रहा है कि संकट का कोई राजनीतिक समाधान निकलेगा.

होम्स के बाहरी इलाक़े में मौजूद बीबीसी संवाददाता पॉल वुड का कहना है कि सबसे अधिक हमले झेल रहे इलाक़ों में लोग डर से घर के भीतर बंद हैं.

होम्स के एक निवासी उमर ने बीबीसी से कहा,"हमारे इलाक़े में हर घर एक निशाना है, ज़िन्दा बचा रह सकना किस्मत की बात है."

कार्यकर्ताओं का अंदाज़ा है कि बुधवार को हुई हिंसा में मरनेवालों की संख्या 40 से लेकर 100 से अधिक तक हो सकती है.

मिलिशिया

अपुष्ट रिपोर्टों में दावा किया गया है कि शबीहा के नाम वाले सरकार समर्थित मिलिशिया गुट के सदस्य घर-घर जाकर अंधाधुंध लोगों को मार रहे हैं.

ऐसी भी रिपोर्टें हैं कि एक अस्पताल में बिजली चली जाने के कारण इन्क्यूबेटर बंद होने से समय से पहले जन्मे 18 बच्चे मारे गए.

सीरिया के सरकारी टीवी चैनल ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि अस्पताल में बिल्कुल सामान्य रूप से काम हो रहा है.

होम्स में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि शहर में अफ़वाहें दौड़ रही हैं और पाँच दिनों से चल रही गोलाबारी ने वहाँ के माहौल में दहशत और दुःख भर दिया है.

पिछले शुक्रवार से ही चल रही गोलाबारी में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है.

सरकारी टीवी पर ख़बर दी जा रही है हथियारबंद आतंकवादियों ने शहर में एक तेल रिफ़ाइनरी पर हमला कर दिया था जिसके बाद कार्रवाई की जा रही है.

सीरिया सरकार हिंसा के लिए विदेश समर्थित गुटों को ज़िम्मेदार ठहरा रही है और उसका कहना है कि शहर में व्यवस्था बहाल होने तक कार्रवाई जारी रहेगी.

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