इसराइली दूतावास के पास हुआ हमला ‘चरमपंथी’ हमला था

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Image caption प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक हमलावर विस्फोटक यंत्र गाड़ी से चिपकाने के बाद वहां से भाग गया

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने पुष्टि की है कि दिल्ली में इसराइली दूतावास की गाड़ी पर हुआ हमला एक चरमपंथी हमला था.

दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन शुरुआती अनुमान से ऐसा लगता है कि इस हमले को अंजाम देने वाला व्यक्ति एक बेहद प्रशिक्षित हमलावर था.

राजनयिकों पर पहले भी हुए हैं हमले

घटना का ब्यौरा देते हुए गृह मंत्री ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार एक व्यक्ति गाड़ी के पीछे से आया और विस्फोटक यंत्र को गाड़ी के पीछे चिपका दिया.

उन्होंने बताया कि एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक हमलावर विस्फोटक यंत्र गाड़ी से चिपकाने के बाद वहां से भाग गया.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, “हमलावर के वहां से भागने के 4 से 5 सेकेंड बाद ये विस्फोट हुआ. इसराइली राजदूत की पत्नी को हमले का निशाना बनाया गया था और विस्फोटक यंत्र गाड़ी से चिपकाने वाला व्यक्ति एक बेहद प्रशिक्षित हमलावर था.”

दिल्ली में सोमवार की दोपहर इसराइली दूतावास के बाहर कूटनयिक की कार में धमाका हुआ जिसमें दो लोग घायल हुए हैं. दिल्ली और जॉर्जिया के तिब्लिसी शहर में धमाके लगभग एक ही समय पर हुए.

'किसी गुट पर शक़ नहीं'

गृह मंत्री ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस हमले के पीछे अभी तक किसी गुट को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

इससे पहले दिल्ली पुलिस कमिश्नर बी के गुप्ता ने कहा, "पुलिस उस हमलावर की तलाश कर रही है. हमलावर ने भूरे रंग की जैकेट पहन रखी थी और उसकी बाइक का रंग लाल था. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है."

गृह मंत्री ने बताया कि भारतीय अधिकारी अपने इसराइली समकक्षों के संपर्क में हैं और 'इसराइल को आश्वस्त कर दिया गया है कि भारत इस हमले के पीछे ज़िम्मेदार लोगों को ढूंढ निकालेगा.'

भारत-ईरान संबंधों पर असर

उधर भारत के चावल निर्यात समिति के अध्यक्ष विजय सेतिया ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि इस हमले का प्रतिकूल असर ईरान और भारत के व्यापारिक रिश्तों पर भी पड़ सकता है.

उन्होंने कहा, “इस हमले के बाद पैदा हुआ तनाव एक चिंता का विषय है. भारत और ईरान के व्यापार संबंधों पर बुरा असर पड़ सकता है.”

ग़ौरतलब है कि यूरोपीय संघ और अमरीका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का भारत ने समर्थन नहीं किया है.

भारत ईरान से सबसे ज़्यादा तेल खरीदता है और ईरान को बड़ी मात्रा में चावल की सप्लाई भी करता है.

आरोप-प्रत्यारोप

भारत और जॉर्जिया में इसराइली दूतावास के बाहर हुए धमाकों के लिए इसराइल की ओर से ईरान को दोषी ठहराए जाने को ग़लत क़रार देते हुए ईरान ने कहा है कि इसराइल ने खुद अपने दूतावासों पर बम धमाके कराए ताकि इन देशों के साथ ईरान के दोस्ताना संबंध खराब हों.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रमीन मेहमनपरस्त ने एक बयान जारी कर कहा है कि इसराइल ने ईरान के खिलाफ़ युद्ध का माहौल बनाने के लिए इन घटनाओं का अंजाम दिया है.

उन्होंने कहा, 'ईरान आतंकवाद का पुरज़ोर विरोध करता है और खुद इसका शिकार रहा है.'

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