साम्राज्यों का समय खत्म, परमाणु क्षेत्र में अहम कदम: ईरान

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Image caption पर्यवेक्षक मानते हैं कि ईरान के इस कदम से क्षेत्र में तनाव खासा बढ़ सकता है

ईरान ने अपने परमाणु रिएक्टर में पहली बार देश में ही संवर्द्धित परमाणु ईंधन रॉड लगाने के साथ-साथ पश्चिमी देशों पर विज्ञान, विशेष तौर पर परमाणु तकनीक पर एकाधिकार जमाने का आरोप लगाया है. लेकिन अमरीका ने इसे ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण उसे हो रहे नुक़सान से लोगों का ध्यान हटाने की एक कोशिश बताया है.

व्हाईट हाउस के एक प्रवक्ता जे कार्ने ने ईरान की घोषणा के बाद पहली अमरीकी प्रतिक्रिया देते हुए ये बातें कहीं.

ईरान के अनुसार इन रॉड्स में 20 प्रतिशत संवर्द्धित यूरेनियम ईंधन है. ईरान ने नई पीढ़ी के आधुनिक सेंट्रीफ्यूज इस्तेमाल करने की भी घोषणा की है जो पहले इस्तेमाल में लाए जाने वाले सेंट्रीफ्यूज से तीन गुना बेहतर हैं.

महत्वपूर्ण है कि अमरीका और इसराइल ईरान पर परमाणु हथियार कार्यक्रम चलाने का आरोप लगाते हैं जबकि ईरान इसका खंडन करता है. हथियार बनाने लायक यूरेनियम कम से कम 85 प्रतिशत संवर्द्धित होना चाहिए.

ईरान ने घोषणा की है उसने परमाणु संवर्द्धन के प्रयासों में 3000 अतिरिक्त सेंट्रीफ़्यूज लगाए हैं और अब उसके पास ऐसे 9000 परमाणु उपकरण हैं.

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने घोषणा की है ईरान अपने कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल किए जा रहे परमाणु उपकरणों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षण के लिए रखेगा और आईएईए के सभी सदस्य देशों के साथ परमाणु जानकारी सांझा करेगा.

'समय बदल गया, साम्राज्यों का समय नहीं रहा'

तेहरान में एक समारोह के दौरान पहली परमाणु संवर्द्धित रॉड रिएक्टर में डालने के बाद राष्ट्रपति महमूद अहमदिनेजाद ने कहा, "ईरान के ख़िलाफ़ प्रॉपेगेंडा, प्रतिबंधों के प्रस्ताव और दबाव लाया गया लेकिन इससे ईरान को कोई फ़र्क नहीं पड़ा है. वे (पश्चिमी देश) नहीं चाहते की ज्ञान और प्रगति पूरी दुनिया तक फैले. जो देश तरक्की करना चाहता है उसे इन दबावों और अड़चनों के खिलाफ़ लड़ना पड़ेगा."

पश्चिमी देशों पर ईरानी विज्ञानिकों की हत्या का आरोप लगाते हुए अहमदीनेजाद ने कहा, "समय बदल गया है...ये साम्राज्यों का समय नहीं है. लोग बदल गए हैं, संस्कृति बदल गई है. जब ईरान की बात होती है तो वे (पश्चिमी देश) कहते हैं सभी विकल्प खुले हैं. तो खुले हो...मेरी सलाह है कि वे अपना रुख बदलें...हमारे परमाणु कार्यक्रम का विरोध करना बंद करें."

ईरान के सरकारी टीवी चैनल पर बुधवार को हुए इस समारोह का सीधा प्रसारण दिखाया गया जिसमें वैज्ञानिक राष्ट्रपति अहमदीनेजाद को पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रहे थे.

समारोह में बोलते हुए ईरान के राष्ट्रपति ने कहा, "ईरान ने 3000 नए सेंट्रीफ़्य़ूज बनाए हैं और अधिकतर देश में बने हैं. बिना मदद के ईरान में ही हज़ारों विज्ञानिक काम कर रहे हैं.ये पूरी मानवता की उपलब्धी है, हम इन्हें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षण में रखेंगे और सभी सदस्यों से जानकारी को सांझा करेंगे."

पश्चिमी देशों पर तीखे प्रहार करते हुए अहमदीनेजाद ने कहा कि उन्होंने 80 अरब डॉलर एक परमाणु बम पर खर्च करते हैं और एक बम से पाँच लाख लोग मर सकते हैं.

उनका आगे कहना था, "पश्चिमी देश कई बार पृथ्वी को ध्वस्त कर सकते हैं. क्या इसी को प्रगति कहते हैं? वे कहते हैं बात करना चाहते हैं. वे हमें मेज़ पर बुलाकर चाहते हैं कि हम हस्ताक्षर कर दें...क्या इसे बातचीत कहते हैं."

ईरान ने बार-बार कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण मकसदों के लिए है.

गौरतलब है कि हाल में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने आरोप लगाया है कि भारत और जॉर्जिया में इसराइली दूतावासों से संबंधित हमलों से ईरान की 'आतंकवादी हरकतें' जगजाहिर हो गई हैं. हालाँकि ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

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