भारत-पाक व्यापार बढ़ने से शांति चाहने वाली शक्तियां मजबूत होंगीं

आनंद शर्मा और मखदूम फहीम अमीन इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते को और बेहतर करनी की कोशिश जारी है.

भारत के वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार बढ़ने से उन शक्तियों को मदद मिलेगी जो शांति चाहती हैं.

पाकिस्तान के दौरे पर आए भारतीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने बुधवार को अपने पाकिस्तानी समकक्ष मखदूम अमीन फहीम के साथ इस्लामाबाद में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में ये बातें कहीं.

इस मौके पर भारत और पाकिस्तान ने व्यापार को बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए.

पाकिस्तान के वणिज्य मंत्री मखदूम अमीन फहीम और आनंद शर्मा ने बुधवार को इस्लामाबाद में मुलाकात की और बाद में प्रतिनिधिमंडल के स्तर पर बातचीत हुई.

व्यापारिक संबंधों को ओर मजबूत करने और व्यापार को बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसे मंगलवार को पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी.

दोनों देशों के वणिज्य मंत्रियों की संयुक्त पत्रकार वार्ता में जारी किए गए वक्तव्य के मुताबिक़ दोनों पक्षों ने व्यापार को बढ़ाने के लिए कस्टम नियमों को नरम करने और उसमें सहयोग करने पर सहमति जताई और वाघा सीमा पर अप्रैल से कस्टम चेक पोस्ट काम करना शुरु करेंगे.

बयान में कहा गया कि ‘ग्रीवन्स एन्ड रेडरिसल’ के नाम से एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया ताकि व्यापार के दौरान अगर किसी पक्ष को शिकायत हो तो उसके लिए प्रणाली बनाई जा रही है.

बयान के मुताबिक बातचीत में दोनों देशों में बैंकों की शाखाएँ खोलने के लिए अगले महीन मुंबई में दोनों देशों की केंद्रीय बैंकों के अधिकारियों की बैठक होगी और इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.

नकारात्मक सूचि

पाकिस्तान के वणिज्य मंत्री मखदूम अमीन फहीन ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में उत्पादों की नकारात्मक सूचि पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि इस पर गंभीर रुप से चर्चा हो रही है और इसी महीने के अंत में कुछ परिणाम निकल सकता है.

उससे पहले भारत के वणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने बताया कि व्यापार में बढ़ोतरी से वह शक्तियाँ मजबूत होंगी जो शांति चाहती हैं और उनको नुकसान होगा जो चरमपंथ के रास्ते पर हैं.

उन्होंने कहा, “जो शक्तियाँ आतंकवाद और कतलो गारत की बात करती है, वह अपना ही नुकसान करती हैं. इसलिए अगर आर्थिक संबंध बेहतर होंगे और विकास होगा तो शांति में विश्वास रखने वाली शक्तियाँ मजबूत होंगी.”

उन्होंने बताया कि बातचीत में सभी मुद्दे पर बात हुई और दिल्ली में हुई बैठक में दोनों देशों ने तय किया था कि व्यापार को बढ़ाने के लिए किस तहर कदम उठाने चाहिएँ.

उनके मुताबिक़ जो भारत को कदम उठाने चाहिएँ थे वह भारत ने उठाए और उम्मीद करते हैं कि अब पाकिस्तान भी बहुत जल्द जरुरी कदम उठाएगा ताकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजूत हों.

भारतो सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्ज देने के पाकिस्तानी फ़ैसले पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने मोस्ट फेवर्ड नेशन का स्पष्टीकरण दिया और कहा कि यह विश्व व्यापार संगठन की टर्मिनालजी है और विश्व व्यापार संगठन के सदस्य एक दूसरे को यह दर्जा देते हैं ताकि व्यापार में सुविधा हो.

उन्हों बताया कि व्यापार को बढ़ाने के लिए भारत ने पहले ही पाकिस्तान को सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा दिया है और पाकिस्तान यह दर्जा देगा क्योंकि इस मुद्दे पर भी बातचीत हुई है.

ग़ौरतलब है कि भारतीय वणिज्य मंत्री आनंद शर्मा सोमवार को तीन दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान आए थे और उन्होंने लाहौर और कराची में पाकिस्तानी व्यापारियों और अधिकारियों से मुलाकात की थी और दोनों देश के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने के लिए जरुरी कमद उठाने पर बल दिया था.

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