लीबिया: 'अब भी प्रभावशाली नेता ही पसंद'

 बुधवार, 15 फ़रवरी, 2012 को 22:17 IST तक के समाचार
लीबिया

लीबिया के लोग देश में प्रभावशाली नेता का नेतृत्व चाहते हैं

लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी के सत्ता से बाहर होने और फिर मारे जाने के बाद देश के लोगों के बीच हुए पहले सर्वेक्षण से सामने आया है कि अनेक लीबियाई देश में लोकतांत्रिक ढांचे पर आधारित शासन की जगह किसी एक प्रभावशाली नेता के शासन को ही ज़्यादा पसंद करते हैं.

ऑक्सफोर्ड और बेनगाज़ी विश्वविद्यालयों और ग़ैर-सरकारी संस्था ऑक्सफोर्ड रिसर्च इंटरनेशनल के शोधकर्ताओं ने 2000 से अधिक लीबियाई नागरिकों के बीच सर्वेक्षण किया.

पिछले साल लीबिया में हुए एक भीषण जनांदोलन में 42 साल तक लीबिया पर शासन करने वाले कर्नल गद्दाफ़ी की सत्ता का अंत हो गया था और फिर उन्हें उनके विरोधियों ने पकड़ कर जान से मार दिया था.

महत्वपूर्ण है कि सर्वेक्षण में शामिल ज़्यादातर लोगों ने माना कि देश के हालात पहले से बेहतर हुए हैं और बहुसंख्या (लगभग 69 प्रतिशत) ने ज़ोर देकर कहा कि देश की प्रगति में आम लीबियाई नागरिक का दखल होना चाहिए.

लगभग 35 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वे एक या अधिक प्रभावशाली नेताओं का नेतृत्व चाहते हैं जबकि 29 प्रतिशत का मानना था कि लोकतांत्रिक शासन उनकी पहली पसंद है.

"लीबिया की तस्वीर एक ऐसे राष्ट्र के तौर पर सामने आती है, जो अपने भविष्य को लेकर काफी आशान्वित होने के साथ-साथ अपनी कई पुरानी आदतों को नहीं भूला है"

बीबीसी संवाददाता

लीबिया में मौजूद बीबीसी संवाददाता गैबरियल गेटहाउस के अनुसार,''इस सर्वेक्षण में लीबिया की तस्वीर एक ऐसे राष्ट्र के तौर पर सामने आती है, जो अपने भविष्य को लेकर काफी आशान्वित होने के साथ-साथ अपनी कई पुरानी आदतों को नहीं भूला है.''

आशावादी रवैया

सर्वेक्षण में अपनी राय ज़ाहिर करने वाले ज्य़ादातर लोगों का कहना था कि अगले एक साल में लीबिया के लिए सबसे ज़्यादा ज़रुरी एक या एक से अधिक प्रभावशाली नेता है.

सर्वेक्षण में शामिल 80 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पिछले साल के जनांदोलन के बाद उनकी राजनीति में रुचि बढ़ गई है.

सोलह प्रतिशत का कहना था कि पिछले एक साल की अशांति देखने के बाद वे राजनैतिक मकसद को पूरा करने के लिए हिंसक रास्ता अपनाने को तैयार हैं.

जब इन लोगों से पूछा गया कि उनकी सबसे बड़ी चिंता क्या है, तो अधिकतर ने अपराध और अव्यवस्था से लड़ने को सबसे पहली प्राथमिकता बताया.

सर्वेक्षण में चार प्रतिशत लोगों ने कहा कि कर्नल गद्दाफ़ी का शासन खत्म करने वाला आंदोलन ग़लत था तो 15 प्रतिशत ने कहा कि उनकी ज़िंदगी गद्दाफ़ी शासन की तुलना में अब बदतर हालत में है.

लेकिन इस सर्वेक्षण में ज़बर्दस्त तरीके से जो बात सामने आयी वो ये कि 75 प्रतिशत से ज्य़ादा लोग ये मानते हैं कि अभी से एक साल बाद उनकी ज़िंदगी काफ़ी बेहतर होगी.

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