खुर्शीद के बाद अब बेनी प्रसाद कटघरे में

Image caption केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने खुर्शीद की तरह का यह बयान खुर्शीद के लोक सभा क्षेत्र में दिया

केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के बाद एक दूसरे कॉंग्रेसी नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने मुसलमानों को आरक्षण देने की बात कर विवाद खड़ा कर दिया है.

सलमान खुर्शीद के लोक सभा क्षेत्र फर्रुखाबाद के कायमगंज क्षेत्र में भाषण देते हुए वर्मा ने कहा की अगर कॉंग्रेस सत्ता में आई तो मुसलमानों को आरक्षण दिया जाएगा.

अपने भाषण के दौरान केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा " अगर कॉंग्रेस उत्तर प्रदेश में सत्ता में आई तो पिछड़ों को और अल्पसंख्यकों को बढ़ा हुआ आरक्षण मिलेगा."

वर्मा ने यह भी कहा की पिछले दो दशकों में आई गैर कॉंग्रसी सरकारों के दौर में मुसलमानों को कुछ नहीं मिला. बाद में जब उनका ध्यान चुनाव आयोग की तरफ दिलाया तो वर्मा ने कहा कि वो अपने बयान से नहीं डिगेगें.

इसके पहले बुधवार को चुनाव आयोग ने बमुश्किल केन्द्रीय कानून मंत्री को इसी तरह के एक प्रकरण में माफी मांगने के बाद छोड़ा था. बुधवार को ही आयोग ने खुर्शीद को माफ़ करने के बाद चुनाव से जुड़े और सरकारी पदों पर बैठे सभी लोगों को सलाह दी थी कि वे सतर्क रहें ताकि ऐसी स्थिति फिर न आए.

वर्मा के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उसकी निंदा की है और चुनाव आयोग के सामने यह मुद्दा उठाने की मंशा जताई है.

खुर्शीद प्रकरण

कुछ दिनों पहले अल्ससंख्यकों को आरक्षण पर सलमान खुर्शीद ने एक चुनावी सभा के दौरान बयान दिया था.

उनके इस बयान पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी और इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया था.

विपक्ष की शिकायत पर चुनाव आयोग ने इस मामले पर सुनवाई की और सलमान खुर्शीद को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया.

किन बात उस समय बिगड़ गई, जब चुनाव आयोग का फ़ैसला आने के बाद सलमान खुर्शीद ने ये बयान दे दिया कि आयोग चाहे तो उन्हें फाँसी पर चढ़ा दे, लेकिन वे हक़ की बात करना जारी रखेंगे.

सलमान खुर्शीद के इस बयान को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल को पत्र लिखा और हस्तक्षेप की मांग की. चुनाव आयोग ने पत्र में कानून मंत्री के आचरण पर आपत्ति जताई और कहा कि ये अभूतपूर्व स्थिति है.

चुनाव आयोग के पत्र के बाद राष्ट्रपति ने इसे प्रधानमंत्री के पास भेजा. सलमान खुर्शीद की प्रधानमंत्री से मुलाकात भी हुई और कांग्रेस पार्टी ने भी ये बयान दिया कि संवैधानिक संस्था का सम्मान किया जाना चाहिए.

संबंधित समाचार